चिटठा लेन 1
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छत्तीसगढ़ में नशा का ये कैसा गुजरात मॉडल - छत्तीसगढ़ में नशा का ये कैसा गुजरात मॉडलएक तरफ अफ़ीम की खेती को लेकर सरकार घिरी हुई है तो दूसरी तरफ़ सरकार गांवगांव में घर-घर में शराब पहुंचाने आमदा है तो...13 hours ago
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मीन लग्न 2026 राशिफल | Pisces Lagna Rashifal 2026 | Career 💼 Love ❤️ Money 💰 - 2026 Rashifal राशिफल (मीन लग्नवालों के लिए) [image: 2026 Rashifal राशिफल (मीन लग्नवालों के लिए)] 1. मीन लग्नवालों के लिए 2026 में जनवरी से अक्टूबर तक...1 day ago
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सुख को नाराज़ होते देखा है कभी? - खुद से इतनी शिकायतें रहती हैं कि मुंह चुराती फिरती हूँ। मानो खुश रहना कोई गुनाह हो। जब-जब रत्ती भर सुख हुआ, उसके छूटने के दुख ने इतना विचलित किया कि सुख ...1 day ago
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क्रिकेट कंमेट्री भोजपुरी में, जिया हो बिहार के लाला 😍 - *भोजपुरी को 2023 के IPL के दौरान आजमाया गया ! लोगों ने इसका तहे दिल से स्वागत किया। इसी से प्रोत्साहित हो 2025 की चैंपियन ट्रॉफी और उसकी अभूतपूर्व लोकप्र...5 days ago
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मुश्किल के बाद आसानी ज़रूर आती है - दोस्तों… ज़िंदगी में जब मुश्किलें आती हैं ना… तो इंसान को लगता है कि बस अब सब खत्म हो गया। रास्ते बंद हो गए… उम्मीदें टूट गईं… और शायद अब आगे कुछ अच्छ...5 days ago
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हमारा कृष्ण तो वहीं, कहीं.... - बहुत लम्बा/बड़ा है दादा श्री बालकवि बैरागी का यह लेख। किन्तु मुझे आकण्ठ विश्वास है कि आपने यदि पढ़ना शुरू कर दिया तो अन्तिम शब्द तक पढ़ने के बाद ही अगली साँ...1 week ago
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वकालत कहां से शुरू करें - वकील बनने की राह पर, आगे बढ़ रहे युवाओं के लिए एक सलाह। कानून के विद्यार्थियों को सलाह भूमिका और सबसे मुख्य बात।। अपनी भाषा सुधारें।। अच्छे संचार का मूल...2 weeks ago
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हवाई अड्डा है या कोई वाटिका चलिए मेरे साथ बैंगलोर के T2 टर्मिनल की सैर पर - पहली हवाई यात्रा का उत्साह अपने आप में अनूठा होता है। दो दशक पहले जब कोलकाता से अंडमान जाना हुआ था तबका रोमांच अब तक मन को पुलकित करता रहता है। पर जैसे ज...3 weeks ago
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एक पाठक कम हुआ, एक भाषा दूर हो गई... - मैं अब हिंदी में बहुत कम लिखता हूँ। यह वाक्य लिखते हुए भी थोड़ा अजीब लगता है, जैसे किसी अपने के बारे में कुछ स्वीकार कर रहा हूँ। कभी ऐसा नहीं था कि मुझे हि...3 weeks ago
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यादें पुरानी दे दो - रिश्ता बहुत पुराना, यादें पुरानी दे दो धरती तरस रही है, कुछ तो निशानी दे दो पिघलो जरा ऐ बादल, रोना शुरू करो तुम प्यासी धरा पे सबकी, आँखों में...4 weeks ago
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प्यार के दो बोल - म.प्र हिन्दी साहित्य सम्मेलन के दो दिवसीय कथा क्रमशः आयोजन में देवास जाना हुआ। आग्रह था इसलिए मैं वहीं रुक गई। रात में रुकने का इंतजाम एक होटल में था और...5 weeks ago
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पुरस्कार में चड्डी/ नीरज दइया - हमारे समय की सबसे बड़ी सांस्कृतिक उपलब्धि यह है कि अब पुरस्कार मान-सम्मान नहीं, वे सिर्फ एक दैनिक, मासिक, त्रैमासिक पहचान-पत्र बन चुके हैं। पहचान-पत्र भी...2 months ago
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घुमक्कड़ जीवन की अभिलाषा (Dream of a Traveller) - *घुमक्कड़ जीवन की अभिलाषा **(Dream of a Traveller)* मैं चाहता हूं जीना बंजारों सा एक जीवन दिल आवारगी में मस्त और बहकते कदम। कोई ठिकाना भी न होे, कहीं ठहरन...3 months ago
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बाँधी रे काहे प्रीत-संकोच १९७६ - रुपहले परदे का माया यही है जब आप चमक रहे होते हैं तो सब वाह वाह करते हैं और आपको दिल-ओ-जान से याद किया करतेहैं. एक बार आप हाशिये पर पहुंचे तो कोई पूछने वाल...3 months ago
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अब जो होगा,वो नया होगा! - बातचीत के सुहाने मोड़ पर फिर ठगे गए,फिर रीते रह गए, फिर हम अकेले रह गए, वो चले गए अचानक यों , जैसे तितली उड़ गई फूल से, इंद्रधनुष लुप्त हो गया व्योम से, मे...5 months ago
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त्राटक - सूरज की आंख में आँख डाल जब करती हूँ मंत्रोच्चार ॐ मित्राय नमः ॐ रवये नमः ॐ सूर्याय नमः… देवत्व से भरता है मन मुंद जाते हैं स्वतः...10 months ago
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हे रुष्ट प्रकृति - हे रुष्ट प्रकृति करके क्रोध का त्याग होंगी तुम कैसे प्रसन्न? ये मूढ़ मानव है तो तुम्हारी ही संतान लाड़ का कर दुरुपयोग पहुँचाई तुम्हारे जिया को ठेस जानता ...10 months ago
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उत्तम आहार - पशु आहार - पिछले दिनों एक मित्र मिलने आये। शनिवार का दिन। आराम से पसर के बैठे। खाते-पीते बैकग्राउंड वाले हैं, तो जहाँ बैठें, अच्छा रेडियस घेर लेते हैं। दो-चार दिन ...10 months ago
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बढ़ा हुआ हाथ - कल शाम अपनी नातिन दित्सा को लेकर पास वाली कॉलोनी के बगीचे में गई थी. ये थोड़ा बड़ा बगीचा है. वहीं चार झूले और फिसलपट्टी लगी है l घूमने के लिए चारों तरफ ज...11 months ago
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वादा किया वो कोई और था, वोट मांगने वाला कोई और - तिवारी जी जब से कुम्भ से लौटे हैं तब से बस अध्यात्म की ही बातें करते हैं। कई ज्ञानी जो उनकी बातें सुनते हैं वो पीठ पीछे यह भी कहते सुने जाते हैं कि तिवार...11 months ago
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सुर्ख गुलाब - एक सुर्ख़ गुलाब देकर कर देते हैं लोग अपनी भावनाओं का इज़हार। यदि यही है अपने प्रीत को बयाँ करना तो कई बार बांधे मैंने ख़ुद ही अपने जुड़े में सुर्ख़ गुल...1 year ago
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ऑफिशिएटिंग अवार्ड - एक सीनियर सहकर्मी थे, पूरी नौकरी एक ही पद और एक ही शहर में काट दी। ऐसा नहीं कि योग्य नहीं थे लेकिन शहर नहीं छोड़ना था तो प्रोन्नति न लेने का यह उनका सोचा...1 year ago
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अब नइ गिरय आँसू के बूँद, बोहावत हे इहां पानी के धार - नल जल योजना ले जल संकट वाले गांव मन म दूर होए लगे हे पेयजल के समस्या कोरबा, 26 जुलाई 2024। कोरबा जिला के कोरबा विकासखण्ड के अंतर्गत पहाड़ ले घिरे विमलता ग...1 year ago
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सज्जन-मन - सब सहसा एकान्त लग रहा, ठहरा रुद्ध नितान्त लग रहा, बने हुये आकार ढह रहे, सिमटा सब कुछ शान्त लग रहा। मन का चिन्तन नहीं व्यग्रवत, शुष्क हुआ सब, अग्नि त...3 years ago
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सेल्स के बंदे से बिकवाएं कविता संग्रह - आखिर दिल्ली पुस्तक मेला, महामारी की बेरहमी के चलते, टालना ही पड़ा। प्रकाशकों के साथ-साथ लेखकों ने भी खुद को तसल्ली दी, अभी नहीं तो अगले बरस सही। किताब...4 years ago
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सहकारवाद : आत्मनिर्भर भारत के लिए मोदी मंत्र - प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 71 वें जन्मदिन पर विशेष आलेख *सहकारवाद : आत्मनिर्भर भारत के लिए मोदी मंत्र* प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सहकारवाद के उद्घ...4 years ago
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thinking of my father ऐसे ही - नागेन्द्र हाराय त्रिलोचनाय भस्माङ्गरागाय नमश्शिवाय ... पिताजी स्नान करते हुये जिन स्तोत्रों को गाते थे, ज्ञात नहीं कि ऐसा करना शास्त्रसम्मत है भी या न...4 years ago
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4++ Télécharger Rencontres du septième art Takeshi Kitano pdf download - Rencontres du septième artde *Takeshi Kitano* ------------------------------ [image: Rencontres du septième art] *Rencontres du septième art Takeshi Kitano...4 years ago
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सिनेमालोक : साहित्य से परहेज है हिंदी फिल्मों को - सिनेमालोक साहित्य से परहेज है हिंदी फिल्मों को -अजय ब्रह्मात्मज पिछले दिनों जमशेदपुर की फिल्म अध्येता और लेखिका विजय शर्मा के साथ उनकी पुस्तक ‘ऋत...5 years ago
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झाड़ू पोछा वाला रोबोट जो बिस्कुट हड़प गया - भारतीय परिवेश में झाड़ू पोछा वाला रोबोट की कार्यप्रणाली और उसके साथ हुआ अनुभव बताता लेख5 years ago
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झाड़ू पोछा वाला रोबोट जो बिस्कुट हड़प गया - भारतीय परिवेश में झाड़ू पोछा वाला रोबोट की कार्यप्रणाली और उसके साथ हुआ अनुभव बताता लेख5 years ago
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शीतला:एक कल्याणकारी माता - *Jai shitla mata* शीतला:एक कल्याणकारी माता जगतजननी, जनकल्याणी मां शीतला देवी के मंदिर सेनिकलती मधुर शंख ध्वनि एवं चौरासी मांगलिक घंटो और घंटियों की स...5 years ago
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रचनाकार में पढ़ें अपने मनपसंद विषय की सैकड़ों रचनाएँ - - विश्व की पहली, यूनिकोडित हिंदी की सर्वाधिक प्रसारित, समृद्ध व लोकप्रिय ई-पत्रिका - रचनाकारमनपसंद विषय की रचनाएँ पढ़ने के लिए उस पर क्लिक / टैप करें -~ विधा...5 years ago
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दिल्ली में उड़नतश्तरी देखी गयी है। - समीरलाल 'उड़नतश्तरी' जी का दिल्ली आगमन आनन फानन में ब्लॉग मीट के आयोजन का हेतु बन गया और इसके निमित्त बने भाई राजीव तनेजा । हिंदी ब्लॉगिंग जब अपने शिखर...6 years ago
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आकाशवाणी के "विविधभारती : का प्रथम प्रसार गीत ~ :नाच रे मयूरा : गीतकार : पँडित नरेन्द्र शर्मा - ऑल इंडिया रेडियो "आकाशवाणी " का सर्व प्रथम गीत भारत सरकार की रेडियो प्रसारण सेवा के लिए बजाया गया उसे ' प्रसार गीत ' कहा गया ! डा. केसकर जी मँत्री थे सूच...6 years ago
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हाय ! ये कैसा बसंत आया री - हाय ! ये कैसा बसंत आया री जब सब सुमन मन के कुम्हला गए रंग सारे बेरंग हो गए किसी एक रूप पर जो थिरकती थी उस पाँव की झाँझर टूट गयी जिस आस पर उम्र गुजरती थी वो...6 years ago
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कथा "मीराँबाई पर विशेष" - कभी-कभी कुछ चीज़े विशेष होती हैं, और आपसे लिखवाकर ही दम लेती हैं, ज़िक्र होना भी चाहिए, किसी भी रचना को लिखने के बाद, या पुस्तक के प्रकाशन के बाद उस पर प...6 years ago
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बृहस्पतिवार के लिए चंद पंक्तियाँ - ॐ गं गणपतये नमः ॐ नमश्चंडिकायै ॐ हं हनुमंताय नमः ॐ नमः शिवाय ॐ बृं बृहस्पतये नमः ॐ वाणी हिरण्यगर्भाभ्याम् नमः सर्वेभ्यो देवेभ्यो नमः मातृ पितृ चरणकमलेभ्यो नम...6 years ago
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प्रधानमंत्री मोदी ने बटन दबाया लेकिन किसानो तक कुछ नहीं पहुंचा - 68 महिने में 168 योजनाओं का एलान । यानी हर 12 दिन में एक योजना का एलान । तो क्या 12 दिन के भीतर एक योजना पूरी हो सकती है या फिर हर योजना की उम्र पांच बरस ...6 years ago
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15 lakh page view of jatdevta travel blog जाटदेवता का सफर 15 लाख पेज व्यूह से आगे निकल चला। - दोस्तों, आप सबको सूचित करते हुए बहुत खुशी हो रही है कि आज यात्रा ब्लॉग #जाटदेवता_का_सफर 15 लाख पेज व्यूज की संख्या पार कर चुका है। मैं बहुत बडा ब...6 years ago
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तुम्हारा स्वागत है - 1 तुम कहती हो " जीना है मुझे " मैं कहती हूँ ………… क्यों ? आखिर क्यों आना चाहती हो दुनिया में ? क्या मिलेगा तुम्हे जीकर ? बचपन से ही बेटी होने के दंश ...6 years ago
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ये देसी खिलौने - आज भी मिलते हैं ये झुनझुने और भोंपू लेकिन आजकल के बच्चे इससे नहीं खेलते फिर भी क्यों बनते हैं ऐसे खिलौने? कौन खरीदता होगा इन्हें? आपका बच्चा इनको लेने की ज...6 years ago
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पल्ला झाड़ने से बेहतर है कि आत्मसमीक्षा करें - PC - Praveen Khanna सनाउल हक़ के मारे जाने की पुष्टि अफगानी स्रोत एनडीएस से हुई है। परसों। वह अफगान सरकार और अमेरिका की संयुक्त आतंकवाद विरोधी लड़ाई में म...6 years ago
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अरविन्द केजरीवाल के नाम पर होगा इनका नाम - #खड़ीखबर : सीएम योगी ने गिनाई उपलब्धियां सेंगर और चिन्मयानंद इसमें शामिल नहीं हैं #खड़ीखबर : दिल्ली की सडकों पर की अवैध पार्किंग तो लग सकता है दो हज़ार का...6 years ago
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चादर सन्नाटे की - चारों ओर पसरा है सन्नाटा मौन है श्वासों का शोर भी, उघाड़ कर चाहता फेंक देना चीख कर चादर मौन की, लेकिन अंतस का सूनापन खींच कर फिर से ओढ़ लेता चादर सन्नाटे की...6 years ago
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इंतज़ार और दूध -जलेबी... - वोआते थे हर साल। किसी न किसी बहाने कुछ फरमाइश करते थे। कभी खाने की कोई खास चीज, कभी कुछ और। मैं सुबह उठकर बहन को फ़ोन पे अपना वह सपना बताती, यह सोचकर कि ब...6 years ago
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कामरेड चिंतातुर ठहरे - कामरेड को चिंता घर की और चिंता है दुनिया भर की बाल श्रमिक की चिंता करते छोटू को चांटे भी जड़ते चिंता उनको पुरुषवाद की बीवी चार यथावत रखते फ़ैक्ट्री में हड़ता...6 years ago
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राजू उठ ... चल दौड़ लगाने चल - राजू उठ भोर हुई चल दौड़ लगाने चल पानी गरम कर दिया है दूध गरम हो रहा है राजू उठ भोर हुई चल दौड़ लगाने चल दूर नहीं अब मंजिल पास खड़े हैं सपने इक दौड़ लगा कर जीत...6 years ago
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एक पुरातत्ववेत्ता की डायरी - पन्द्रहवां दिन - दो - *29.उजड़ी इमारत की तरह का इंसान * लेकिन हमारे पास पलकें भी थीं और हमें आज की रात चैन से सोना भी था और इसके लिए सर्वाधिक आवश्यक था सबसे पहले एक ठिकाना ढूँढ...6 years ago
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कश्मीर - *नज़्म भी जिसके आगोश में फ़ना हो गई * *कश्मीर ! जिसे दुनिया जन्नत पुकारती है ||* *सु-मन *6 years ago
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शमशानघाट से विदा - पंडित जी ने अपना कमन्डल उठाया और शमशानघाट से विदा लेने के लिए तैयार हो गए। बहुत ही नराज़ थे दिल्ली की सरकार से। अब शमशान घाट नये तरीके बनाया जा रहा है। जि...6 years ago
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उसका मन - कुछ दिन पहले उसकी परीक्षाएँ चल रही थीं और वो मुझसे फोन पर आराम से बातें करती थी. एक दिन मैंने पूछा कि तुम्हारे तो इम्तिहान चल रहे हैं न? तो बोली “हाँ मौसी ...6 years ago
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आया है मुझे फिर याद - *असली मजा सब के साथ आता है *– ई बात भले सोनी-सब टीवी का टैगलाइन है, बाकी बात एकदम सच है. परब-त्यौहार, दुख तकलीफ, सादी-बिआह, छट्ठी-मुँड़ना ई सब सामाजिक अबस...6 years ago
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मैं हंसते हंसते दम तोड़ देता अगर मुझे रोना न आता - अमित श्रीवास्तव की कविता - हेनरी रूसो की पेंटिंग 'हॉर्स अटैक्ड बाई अ जगुआर' अमित श्रीवास्तव की कविता की सबसे बड़ी खूबी यह है कि वह एक साथ अनेक परतों और आयामों पर काम करती जाती है - कई...6 years ago
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राजनीति के शौकीन हैं तो राजनीति कीजिए खुल कर ... - "राजनीति का सीधा सरल अर्थ था, प्रजा के हित में राज्य को चलाने की वह नीति, जो साम दाम दंड भेद के साथ वह करे, जो राज्य को, देश को सुदृढ बनाये । पर इतिहास हो...6 years ago
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कविता और कुछ नहीं... - कविताएं और कुछ नहीं आँसू हैं लिखे हुए.... खुशी की आँच कि दुखों के ताप के अतिरेक से पोषित लयबद्ध हुए... #कविताक्याहै6 years ago
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कितना मुश्किल है बच्चो ! - दस दिवसीय सेवारत प्रशिक्षण के पश्चात प्राप्त ज्ञान | हमने जाना बच्चों ! कितना मुश्किल होता है फिर से बच्चों जैसा बनना | हमने जाना बच्चों ! कितना उबाऊ ...7 years ago
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गांधी का पुनर्पाठ-5- - असल में सत्याग्रह तो गांधी के समग्र राजनीतिक पाठ का मूलाधार है, उनके आंदोलन की समग्रभाषा और अंतर्वस्तु इसकेजरिए पढ़ी जा सकती है। इसके जरिए स्वाधीन...7 years ago
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"हल्बी" भाषा या बोली - *एक विमर्श* --------------- *"**हल्बी" भाषा या बोली* ------------------------------ प्रिय डॉ. रूपेन्द्र कवि जी के एक पोस्ट पर मान्यवर सतीश जैन भाई साहब न...7 years ago
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जीवन नाम है ...पतझड़ का... - दास्ताँ.... पेड़ से बिछुड़े सूखे पत्ते की तन से उतरे आत्मा रूपी ...कपड़े लत्ते की ... -अकेला जीवन नाम है ...पतझड़ का... फिर पतझड़ में, पत्ता टूटा शाख़ से उसका,...7 years ago
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घर बनाने में - न तारे, चाँद, गुलशन औ' अम्बर बनाने में जरूरी जिस कदर है सावधानी घर बनाने में अचानक अश्क़ टपके और बच गई आबरू वरना कसर छोड़ी न थी उसने मुझे पत्थर बनाने में मै...8 years ago
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Murari Ki Kocktail Murari Lal #MarwadiComedy #MyNews #Shekhawati #Sikar - अन्य खबरें पढऩे व वीडियो देखने के लिए यहां क्लिक करें https://goo.gl/V5SLpv https://goo.gl/Pu3i8t https://goo.gl/nYBuhU8 years ago
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जल्द ही काँर्बेट नेशनल पार्क में जिप्सियों की भी हो सकती है आँनलाइन बुकिंग...... - काँर्बेट नेशनल पार्क में अब परमिट के साथ ही जिप्सियों की भी आँनलाइन बुकिंग शुरु हो जाये तो आप आश्चर्यचकित ना हों। इसके लिए जिप्सी स्वामियों ने कवायद भी शु...8 years ago
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धनक द रेम्बों का अवार्ड सेरेमनी के साथ हुआ समापन - धनक द रेम्बों का अवार्ड सेरेमनी के साथ हुआ समापन मूमल नेटवर्क, भिवाड़ी। ऑल इण्डिया लेवल की पेंटिंग एग्जीबिशन और ऑन द स्पॉट पेंटिंग काम्पीटिशन के तीन दिवसी...8 years ago
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सभ्य और कुलीन पुरुषों ने उसे ऊँचे दर्जे की वेश्या कहा, इंटेलिजेंट औरतों ने बिम्बों, मोटे दिमाग की आवारा! - वो लम्बी, इकहरे बदन की बेहद खूबसूरत शोख लड़की, अमीर परिवार में पैदा हुई थी. उसने दरवाज़े की आड़ में पिता का हाथ माँ के गाल पर पड़ता सुना और देखा था. जब वह छ...8 years ago
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हिन्दी ब्लॉगिंग : आह और वाह!!!...3 - गत अंक से आगे.....हिन्दी ब्लॉगिंग का प्रारम्भिक दौर बहुत ही रचनात्मक था. इस दौर में जो भी ब्लॉगर ब्लॉगिंग के क्षेत्र में सक्रिय थे, वह इस माध्यम के प्रति ...8 years ago
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प्रेम करती हूँ तुमसे - यमुना किनारे उस रात मेरे हाँथ की लकीरों में एक स्वप्न दबाया था ना उस क्षण की मधुस्मृतियाँ तन को गुदगुदाती है उस मनभावन रुत में धडकनों का मृदंग बज उ...8 years ago
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अव्यक्त - अदृश्य ही रहेगी खुशबू अदृश्य ही रहेगी हवा अव्यक्त ही रहेगा ईश्वर अनाम ही रहेंगे कुछ रिश्ते छुपे रहेंगे बहुत से पुण्य छुपा रहेगा बहुत सारा प्रेम जंगलों ...9 years ago
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फिर अंधेरों से क्यों डरें! - प्रदीप है नित कर्म पथ पर फिर अंधेरों से क्यों डरें! हम हैं जिसने अंधेरे का काफिला रोका सदा, राह चलते आपदा का जलजला रोका सदा, जब जुगत करते रहे हम दीप-बा...9 years ago
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सब धंधा है! - भईया, हमारी मानो तो सब बिजनस है, बिजनस। जहाँ आँख गड़ती है, कारोबार ही नज़र आता है। जहाँ चलता हूँ, लोग दर-मुलाई करते हुए पाए जाते हैं। घर-चौराहा-शहर-ऑफिस-संसद...9 years ago
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छतहार पंचायत में शपथ ग्रहण की तस्वीरें - *उपमुखिया को शपथ दिलातीं श्रीमती अनीता मिश्रा* *छतहार पंचायत की टीम अनीता*9 years ago
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शिवजी के ललाट पर बालचंद्र क्यों हैं ,पूर्णचन्द्र क्यों नहीं? - कौस्तुभ ने पूछा है कि शिवजी के ललाट पर बालचंद्र क्यों हैं ,पूर्णचन्द्र क्यों नहीं? अब सवाल है तो उत्तर भी होना चाहिए। किसी को यह भी लग सकता है कि भला य...9 years ago
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"कदम" की ओर से छोटी सी पहल - अर्चना चावजी with Shella Jain. March 20 at 10:19pm · धन्यवाद जैन मेडम ... इनका नाम दुर्गा यादव है,बी.ए. सेकंड ईयर चौथे सेमिस्टर में है ,साथ ही कंप्यूटर ...9 years ago
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विदेशी कन्हैया.... - भारत की संस्कृति और हिंदु धर्म अदभुत है,कोई शंका नहिं कि किसी हिंदु को हिंदु होने का गर्व ना हो,हिंदु धर्म सभी धर्मों का आदर करता चला आ रहा है ।इसकी ख...10 years ago
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पिताजी के जन्मदिन पर - पिता तो सद्गुणों का पता है : अविनाश वाचस्पति - परम पूज्य पिता स्व; डॉ. दिनेश चन्द्र वाचस्पति पिता प्रथम कुलपति हैं, बतलाने वाले कादम्बिनी मासिक पत्रिका के प्रधान संपादक शशि शेखर का यह कथन एकदम सच ह...10 years ago
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बीमा सुरक्षा और सुनिश्चित धन वापसी - कविता - अविनाश वाचस्पति - ##AssuredIncomePlanPolicy निश्चित धन वापसी और बीमा सुविधा संदेह नहीं यह पक्का बनाती है विश्वास विश्वास में ही मौजूद रहती है यह आस धन भी मिलेगा और निडर ...10 years ago
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अवसाद - बहुत घने साये हैं उदासी के दिन रात सब हैं बासी से क़दम फिसलते जा रहे हैं अवसाद के इस अंधे कुएं की ओर रोकना चाह कर भी चलता नहीं इनपे ज़ोर अच्छा बुरा लगना ...10 years ago
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Best Cheap Kenson Kids - "I Can Do It" Reward and Responsibility Chart Made in the USA. 11" X 15.5" - Kenson Kids - "I Can Do It" Reward and Responsibility Chart Made in the USA. 11" X 15.5" B00ULVNT10 Product Description Having trouble getting your kids t...10 years ago
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जिसके कंठ से पृथ्वी के सारे वृक्ष एक साथ कविता पाठ करते थे : मिगुएल हर्नान्देज़ - मिगुएल हर्नान्देज़ ऐसा कवि नहीं था , जैसा हम अक्सर अपने आसपास के कवियों के बारे में जानते-सुनते हैं. उसका जीवन और उसकी कवितायेँ , दोनों के भीतर संवेदना, अनु...10 years ago
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अपने मन की करना ही ख़तरनाक राजनीति है ! - *बैटल ऑफ बनारस के बहाने कमल स्वरूप से बातचीत * प्रश्न : आप की फिल्म बैटल ऑफ बनारस का अभी क्या स्टेटस है? कमल: फिल्म को स्क्रीनिंग कमेटी ने रिजेक्ट कर द...10 years ago
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सोऽहम् - (परसों, 7 जुलाई को गुलेरी जी की 132वीं जयंती थी. परदादा को याद करते हुए यहां उनकी एक व्यंग्यात्मक कविता, जो 'सरस्वती' पत्रिका में साल 1907 में प्रकाशित हु...10 years ago
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गाँव का ज़िंदा रहना आपके ज़िंदा होने का सबूत है। - हर एक व्यक्ति के अन्दर एक गाँव होता है । गाँव कोई स्थान विशेष संज्ञा न होकर एक गुणवाचक शब्द है, जिसके अर्थ विस्तृतता में निहित हैं।.गाँव की मर्यादा क्षिति...10 years ago
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DELHI POLICE PASSING OUT PARADE 2015 - - -By Crimes Warrior News- Today on 27st March 2015, the combined Passing Out Parade of 7 Probationary Sub- Inspectors, 18 ASIs Fingeri print and 42 Const...10 years ago
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हमारा सामाजिक परिवेश और हिंदी ब्लॉग - वर्तमान नगरीय समाज बड़ी तेजी से बदल रहा है। इस परिवेश में सामाजिक संबंध सिकुड़ते जा रहे हैं । सामाजिक सरोकार से तो जैसे नाता ही खत्म हो गया है। प्रत्येक...10 years ago
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"Peppa" and her friends Captivate Children - "Peppa" with his brother "George" and his friends "Zoe Zebra", "Danny the Dog", "Pedro Ponny", "Emily Elephant" and "Susie Sheep" takes a full of adventure...11 years ago
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गौमांस निषेध को अपना समर्थन दीजिए……… - सात आसान चरण गाय को गौमांस का सामान बनने से बचाने के लिए... 1. Visit the link : 2. Click 'Yes' 3. Click 'Submit' 4. Come back to this post 5. Copy the des...11 years ago
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‘खबर’ से ‘बयानबाज़ी’ में बदलती पत्रकारिता - मीडिया और खासतौर पर इलेक्ट्रानिक मीडिया से ‘खबर’ गायब हो गयी है और इसका स्थान ‘बयानबाज़ी’ ने ले लिया है और वह भी ज्यादातर बेफ़िजूल की बयानबाज़ी. नेता,अभिनेता...11 years ago
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पेशावर हत्याकांड – पाकिस्तान की आतंकी नीति की खुलती परतें - पाकिस्तानी तालिबान द्वारा पेशावर के फ़ौजी स्कूल में किए गए हत्याकांड का विश्लषण करने से पाकिस्तान की आतंकी नीति की परतें खुलती हैं, और हमें इस नीति को बेहत...11 years ago
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कमज़ोरी-ए-निगाह ने संजीदा कर दिया , जलवों से छेड़-छाड़ की आदत नहीं रही - ऐसा नहीं कि उन से मोहब्बत नहीं रही जज़्बात में वो पहले-सी शिद्दत नहीं रही सर में वो इंतज़ार का सौदा नहीं रहा दिल पर वो धड़कनों की हुक़ूमत नहीं रही क...11 years ago
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पुस्तक ‘फलित ज्योतिष कितना सच कितना झूठ’ की समीक्षा - jyotish sach ya jhuth पुस्तक ‘फलित ज्योतिष कितना सच कितना झूठ’ की समीक्षा (लेखिका - संगीता पुरी ) हर घर में रखी और पढी जाने लायक यह पुस्तक ‘फलित ज्योतिष क...11 years ago
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पर्यटन का सिरमौर बनने अग्रसर छत्तीसगढ़ - छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माण के डेढ दशक बाद के बदलाव स्पष्ट दिखाई देते हैं। राज्य ने लगभग सभी क्षेत्रों में विकास के नए आयामों को छुआ है। सड़क, बिजली-पानी, शिक...11 years ago
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टिन्डिस (Tyndis) जिसे पोन्नानि कहते हैं - रोमन साम्राज्य के अभिलेखों में भारत के दक्षिणी तट के टिन्डिस (Tyndis) नामक बंदरगाह का उल्लेख मिलता है और आज के “पोन्नानि” को ही इतिहासकारों ने टिन्डिस होने...11 years ago
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शाल के बदले साड़ी - *गनीमत है नवाज़ शरीफ साहब ने शराफ़त दिखाते हुये ... साड़ी ही भेजी ... कहीं "टोपी" भेज देते ... तो फिर बवाल होता !!*11 years ago
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मानव एकता के प्रबल समर्थक थे बाबा गुरुवचन सिंह जी महाराज - मानव एकता दिवस पर विशेष इस संसार के इतिहास को जब हम देखते हैं तो पाते हैं कि यहाँ विविधताएँ हमेशा से रही हैं. यह विविधताएँ किसी दूसरे देश के स्तर से लेकर ...11 years ago
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दिल्ली में दिल्ली के इतिहास की खोज जारी है -- - दिल्ली के पुराना किला में आजकल पुरातत्व विभाग की ओर से खुदाई चल रही है जिसे जनता के लिए दो दिन के लिए खोला गया था। किले के प्रांगण में एक पुरानी बावली...11 years ago
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कांग्रेस की पाती... - *गौरव शर्मा "भारतीय"* *मैं* कांग्रेस हूँ… कांग्रेस पार्टी, जिसे 72 प्रतिनिधियों ने 28 दिसंबर 1885 को मुंबई के गोकुलदास तेजपाल संस्कृत महाविद्यालय में जन...12 years ago
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मोदी की सबसे बड़ी चुनौती - मेरा लेख पढ़ें http://abpnews.newsbullet.in/blogtest/74/5474212 years ago
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बोधगया विस्फोट - बोधगया विस्फोट म्यॉंमार का बदला भारत में बोधगया में कभी भी कुछ हो सकता है, इसके संकेत पिछले एक वर्ष से लगातार मिल रहे थे| म्यॉंमार (बर्मा) में रोहिंग्या...12 years ago
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खाकी में इंसान – पुस्तक समीक्षा(श्रीमती चित्रा मुदगल द्वारा) - पुलिस व्यवस्था प्राचीनकाल से ही भारतीय राजव्यवस्था का प्रमुख अंग रहा है । इस विषय को आधार बनाकर अनेक लेखकों ने समय-समय पर अपने विचार व्यक्त किये हैं। इस श...12 years ago
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तू सिर्फ इंसान है.. - *पैदाइश के फौरन बाद* *मैं खुद ब खुद हिस्सा हो गई* *कुल आबादी के* *आधे कहलाने वाले* *एक संघर्षशील 'समुदाय' का,* *कानों से गुज़रती* *हर एक महीन से महीन आवाज...13 years ago
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यात्रा-वृत्तान्त विधा को केन्द्र में रखकर प्रसिद्ध कवि, यात्री और ब्लॉग-यात्रा-वृत्तान्त लेखक डॉ. विजय कुमार शुक्ल ‘विजय’ से लिया गया एक साक्षात्कार - डॉ. विजय कुमार शुक्ल जी ‘विजय’ का सक्षात्कार लेती हुए मैं शालिनी पाण्डेय *प्र.* सर आपको यात्राओं की प्रेरणा कब और कैसे मिली? *उ.* देखिए! यायावरी एक प्र...13 years ago
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जयहिंद! - समस्त सम्माननीय मित्रों को स्वतन्त्रता दिवस की हार्दिक बधाईयों सहित एक नज़्म सादर समर्पित... झुक नहीं सकता कभी भी मान यह अभिमान है। यह तिरंगा ही हम...13 years ago
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मनुष्य की बढती स्वार्थपरता का खेल - यह बात तो हर कोई जानता है कि माँस कैसे प्राप्त किया जाता है. जीवन हर जीव को उतना ही प्रिय है, जितना कि हम सब को. अपनी खुशी से कोई पशु मरना नहीं चाहता. अत: ...13 years ago
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. ".पहचानो कौन है मम्मी .......... - कभी यूँ भी हो ...... तुम चुपके से आओ ...... मेरे कँधे पर पीछे से मेरी आँखें बंद करके , अपनी मीठी सी आवाज में पूछो, फिर से .... ".पहचानो कौन है मम्मी .........13 years ago
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Pujya Tapaswi Sri Jagjivanjee Maharaj Chakchu Chikitsalaya, Petarbar - Pujya Tapaswi Sri Jagjivanjee Maharaj Chakchu Chikitsalaya, Petarbar is a Charitable Eye Hospital which today sets an example of a selfless service to the...13 years ago
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सभी पाठकों को नववर्ष २०१२ की हार्दिक शुभकामनाएँ ....... - प्रिय दोस्तों , मैं विशेष कुमार आप सभी पाठकों को सर्वप्रथम नववर्ष २०१२ की हार्दिक शुभकामनाएँ देता हूँ . जब से मैंने होश संभाला हैं, तब से ह...14 years ago
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आज अविनाश वाचस्पति का जनमदिन है - आज, 14 दिसम्बर को नुक्कड़, तेताला, बगीची, पिताजी वाले अविनाश वाचस्पति का जनमदिन है। बधाई व शुभकामनाएँ14 years ago
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'लेडिस' से त्रस्त जेंट्स - हमारे देश में एक तरफ तो महिलाओं की बराबर की हिस्सेदारी की बात होती है, तो वहीँ दूसरी ओर महिलायें खुद महिला होने का फायदा उठाती हैं. जी नहीं, ये कोई नारीवाद...14 years ago
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परियों की रानी.....अनुष्का - *ओ लाडली, मेरी छैल छबीली * *तितलियों सी है चंचल, फूलों सी रंगीली * * परियों की रानी, ओ राजदुलारी * * तेरी अदाएँ, जहां से निराली * ...14 years ago
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महफ़िल प्यार की याद आती है.... - महफ़िल सितारों की... देख कर, महफ़िल प्यार की याद आती है. फलक में प्यारे चाँद को देख कर, इस दिल को उनकी याद आती है. 00015 years ago
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जागरूक पाठक
मेरे चिट्ठे
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दिल्ली हाईकोर्ट ने पुलिस से मांगा जवाब, छात्र व श्रमिक कार्यकर्ताओं की हिरासत पर एक हफ्ते में स्पष्टीकरण देने का आदेश - दिल्ली उच्च न्यायालय ने छात्र और श्रमिक कार्यकर्ताओं की हिरासत के मामले में दिल्ली पुलिस को एक सप्ताह के भीतर स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है। अदालत ने ...5 hours ago
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ब्रह्मा ने इस दिन सृष्टि की रचना की थी - मौनी अमावस्या हिंदू धर्म में एक अत्यंत महत्वपूर्ण दिन है, जिसे माघ मास की अमावस्या के दिन मनाया जाता है। यह दिन धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक दृष्टिको...1 year ago
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मकर संक्रांति 'तीळ गुळ घ्या आणि गोड गोड बोला' ब्लॉग4वार्ता....संध्या शर्मा - *संध्या शर्मा का नमस्कार.........तिल और गुड की मिठास आप सभी के जीवन को मिठास और आनंद से भर दे और मकर संक्रांति के सूर्योदय के साथ एक नए सवेरे का शुभारम्भ ...10 years ago
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याद करें अपना बचपन....हमारी बातों और गीतों के साथ - बचपन बचपन-एक ऐसा शब्द जिसकी मधुर स्मृतियाँ हर जेहन में जीवन भर बसी होती है, जिनको याद करना, कल्पनाओं में स...10 years ago
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रामपुर गांव - नदियों में नाथ शिवनाथ नदी के तीर बसा हुआ सूंदर सा गाँव रामपुर, जहाँ पीपल की छांव, मांझी की नाव, नदी तट पर जलक्रीड़ा करती सोन मछरिया, सुंदर साधारण घर-दुवरिया,...11 years ago
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झूलती मीनार और अलबेला खत्री की डुबकी - प्रारंभ से पढें अगली सुबह अलबेला खत्री जी से बात हुई तो उन्होने बताया कि वे एक दिन पहले अहमदाबाद में ही थे। फ़िर उन्होने कहा कि अगले दिन मैं सुबह की गाड़ी ...13 years ago
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फूलों की होली - गुलाल के रूप में बाजार में जो रासायनिक मॉल मिल रहा है उसका काफी दुष्प्रभाव सामने आ रहा है .लोंगों को एलर्जी की शिकायत आम हो गई है . रासायनिक गुलालों ए...14 years ago
चिटठा लेन 2
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(पुस्तक -चर्चा )हमारे सांस्कृतिक इतिहास की लगभग गुमनाम नायिका पर पहला खण्ड काव्य /आलेख -स्वराज्य करुण - *पुस्तक -चर्चा * ************ *हमारे सांस्कृतिक इतिहास की लगभग* * गुमनाम नायिका पर पहला खण्ड काव्य * * (आलेख -स्वराज्य करुण )* *भारतीय सं...13 hours ago
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मेरी जगन्नाथपुरी यात्रा - मेरी जगन्नाथ पुरी की यात्रा भाग★1 5 फ़रवरी 2026 भगवान की लीला अपरंपार है। कहते है जब तक उसका बुलावा नही आता आप जरा- सा भी सरक नही सकते। मेरे साथ भी कु...1 day ago
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टूट जाते हैं स्वप्न - टूट जाते हैं स्वप्न स्वप्न देखा है मानव ने न जाने कितनी-कितनी बारलायेगा चिर स्थायी शांतिइक दिन वहस्वर्ग से धरा पर उतारचैन की श्वास लेंगे जब जन बहेगी प्रीत ...1 day ago
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मगहरी कबीरा - मगहरी कबीरा अगम है आशा, सुगम निराशा, सुलभ है सत्यानाश। बारूदों से भरा हुआ है, यह शाश्वत आकाश। अक्षर अंतरिक्ष भी करता, मृत्युंजय का जाप। सारे ग्रह नक्षत्र ...1 day ago
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456. मुस्लिम लीग-2 - *राष्ट्रीय आन्दोलन* *456. **मुस्लिम लीग**-2* *1946* *का चुनाव* 1946 के चुनाव में ग्यारह में से बंगाल, सिंध और पंजाब को छोड़कर आठ प्रांतों में कांग्रेस क...2 days ago
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समाजवाद: प्रयोग और पतन - कल शाम 11 मार्च को राजकीय पुस्तकालय, वाराणसी में प्रो. इंदीवर जी की पुस्तक 'समाजवाद: प्रयोग और पतन' का भव्य लोकार्पण हुआ। समारोह में अध्यक्ष: प्रो दीपक...3 days ago
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आज महिला दिवस पर ब्लॉगिंग का बिल्कुल ख़याल न था ...लेकिन.. - इन के लिए महिला दिवस के क्या मायने!! -वही बोझा, उस के तले वैसे ही दबे रहना, वही पिसना...फिर भी इन की जिजीविषा को सलाम लेकिन क्या? हां, सच में यह ब्लॉग...1 week ago
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अफ़ग़ान महिलाओं की मौन त्रासदी: अब हिंसा भी कानूनी - *अफ़ग़ानिस्तान*, 2026 — सुनिए और समझिए, यह इतिहास नहीं, यह वर्तमान का जघन्य सच है! एक ऐसा कानून, जिसमें पति को अपनी पत्नी को मारने की अनुमति है। हाँ, आप...3 weeks ago
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डाइटिंग के इफेक्ट्स... - *डाइटिंग का कमाल:* क्या सुनाऊँ तुमको मैं अपनी दर्दीली दास्तान, जब से हमने शुरू किया सात्विक भोजन प्लान'। जलेबी समोसे सब हुए बीते कल की बात, अब भोजन...3 weeks ago
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यादें पुरानी दे दो - रिश्ता बहुत पुराना, यादें पुरानी दे दो धरती तरस रही है, कुछ तो निशानी दे दो पिघलो जरा ऐ बादल, रोना शुरू करो तुम प्यासी धरा पे सबकी, आँखों में...4 weeks ago
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नाचेगा इंडिया तब ही तो बढ़ेगा इंडिया! - पुराने समय (मतलब बहुत ज्यादा नहीं 😛) समय से शादी /विवाह में संगीत के नाम से कार्यक्रम होता रहा है जिसमें स्टेज पर परिवार/मित्र आदि अपनी नृत्य कला...4 weeks ago
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*गांड़ा महासभा ने समाज के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों प्रदीप क्षत्रिय, बोस्टो ताडी, चिन्मय जगत का सम्मान किया* - *समाज के बच्चों के प्रतिभा को निखारेगी केंद्रीय गांडा महासभा* *गांड़ा महासभा ने समाज के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों प्रदीप क्षत्रिय, बोस्टो ताडी, चिन्मय जगत...2 months ago
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मैं हूँ इक लम्हा (काव्य संग्रह ) - मैं हूँ इक लम्हा जो अपने लफ्जों को इंद्रधनुषी सोच से सजा कर मन की बात रखता है सबके सामने । सोच का सैलाब उमड़ता है छोटी बड़ी लहरों जैसे और कविता के रूप म...2 months ago
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ये हार, ये जीत... - ये हार, ये जीत, ज़िन्दगी का अगला पड़ाव भर है, ये तेज़ धूप, ये बारिश की बूँदें, ये तारों की रौशनी, ज़िन्दगी का अगला पड़ाव भर है। फोटो क्रेडिट: अंजना दयाल दे प्र...4 months ago
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Stock Market or Share Market me Kya Antar Hai ? – आसान भाषा में समझें - परिचय अक्सर लोग Stock Market aur Share Market me Kya Antar Hai यह सवाल पूछते हैं। रोज़मर्रा की बातचीत में […]5 months ago
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नवारो को इतना भी नहीं मालूम कि भारत में ब्राह्मण नहीं बल्कि वैश्य व्यापार व्यवसाय करते हैं! - * हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पूर्व व्यापार सलाहकार पीटर नवारो ने भारत पर रूस से तेल खरीदने और यूक्रेन युद्ध को बढ़ावा देने के आरोप ...6 months ago
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केदार और रेस्ट हाउस - *छत्तीसगढ़* सरकार में मंत्री केदार कश्यप को लेकर एक नया बवाल खडा़ हो गया है। केदार पर जगदलपुर के सरकारी रेस्ट हाउस के एक कर्मचारी को पीटने का आरोप लगा है...6 months ago
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साइबेरिया का सफ़ेद सारस - जहांगीर के जमाने में एक नामी चितेरा हुआ था- उस्ताद मंसूर नक़्क़ाश। मुग़लिया मुसव्विरों में उसकी जोड़ का कोई आदमी न था। नादिर-उल-अस्र। (अपने) समय में सर्वश्...7 months ago
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उषा देवी मित्रा - हिंदी साहित्य की अनुशासित नारीवादी लेखिका - उषा देवी मित्रा, हिंदी और बांग्ला साहित्य की प्रख्यात लेखिका, जिन्होंने नारी मुक्ति, सामाजिक सुधार, और भारतीय संस्कृति को अपनी रचनाओं में संवेदनशीलता...7 months ago
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शैवालिनी...!!! - उद्भव से अग्रसर होते हुए शैवालिनी के प्रवाह का और बहते हुए मन के भावों का अद्भुत तालमेल है... दोनों में तिरते हुए समन्वित अनुरक्त प्रकृति का चेत...1 year ago
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हम सभी बेचैन से हैं न - अभी कुछ दिनों से मैं अपनी कजिन के घर आई हुई हूं, वजह कुछ खास नहीं बस अपनी खामखाह की बैचेनी को की कुछ कम करने का इरादा था और अपने मन को हल्का करना था। अब वाप...1 year ago
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लेकिन मैने हार न मानी (पद्म सिंह) - संघर्षो की अकथ कहानी। लेकिन मैंने हार न मानी।। आशाओं के व्योम अनंतिम स्वप्नों का ढह जाना दिन दिन संबंधों के ताने बाने नातों का अपनापा पल छिन क्रूर थपेड़े...1 year ago
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शब्द से ख़ामोशी तक – अनकहा मन का (२६) - * बेशक कोई रिश्ता हमें जन्म से मिलता है परंतु उस रिश्ते से जुड़ाव हमारे मनोभाव पर निर्भर करता है । जन्म मर...1 year ago
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जब रात स्वप्न - जब रात स्वप्न मन में से आने जाने लगे उन को मन में बसने दिया जाए कब तक उस पर निर्भर रहे नही कहां जा सकता| मन के अनुसार चला आ सकता | आशा...1 year ago
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उनकी माँग में तुम्हारी भलाई भी शामिल है...-इंडोनेशियाई साहित्यकार एगुस सर्जोनो की कविता - चयन एवं अनुवाद / यादवेंद्र - *1962 **में बांडुंग में जन्मे एगुस **सर्जोनो ** इंडोनेशिया के प्रमुख कवि* *, *लेखक और नाटककार हैं, जिन्होंने *इंडोनेशिया** के साहित्य का अध्ययन और बा...2 years ago
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Caste and Political Divisions - जाति और सियासी विभाजन - नवल वियोगी ने हाशिए की उन जातियों का इतिहास ढूँढा है जो आज अलग-अलग पहचान रखती हैं लेकिन अतीत में एक ही बड़े कबीले के रूप में दिखाई देती हैं. डॉ नवल ...4 years ago
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उस्ताद बिस्मिल्ला ख़ाँ साहब की १०५ वीं जयंती - *उस्ताद बिस्मिल्ला ख़ाँ* (जन्म: 21 मार्च, 1916 - मृत्यु: 21 अगस्त, 2006) हिन्दुस्तान के प्रख्यात शहनाई वादक थे। उनका जन्म डुमराँव, बिहार में हुआ था। सन...4 years ago
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यादों वाली फरवरी ...☺☺☺☺☺☺ - गुलाबी से एहसास लाता है ये महीना....बहुत कुछ दिया है इस फरवरी ने....तुम्हारा साथ,प्यार एहसास सब कुछ....इस महीना का हर पल हर दिन गवाह है....हमारे होने साथ....5 years ago
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सीडब्ल्यूईआई का दो दिवसीय सेमीनार - सीडब्ल्यूईआई का दो दिवसीय सेमीनार हावी रहा जीआई का मुद्दा मूमल नेटवर्क, जयपुर। जेकेके के रंगायन में कल 26 फरवरी को कन्सोर्टियम ऑफ वुमन आंत्रप्रिन्योर्स ऑफ...6 years ago
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महाशिवरात्रि पर्व की हार्दिक शुभकामनाये - *सभी दोस्तों, पाठको, ब्लॉग मित्रो देश वासियों को महाशिवरात्रि की हार्दिक शुभकामनायें.* * भगवान् भोले नाथ आपकी हर मनोकामना **पूर्ण करे * *जय भोलेनाथ* *आज...6 years ago
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NGO प्रकरण पर CBI ने दर्ज की FIR - बिलासपुर,5 फ़रवरी 2020। समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत संचालित बताए गए NGO के मसले पर बीते 30 जनवरी को हाईकोर्ट द्वारा जारी आदेश का परिपालन CBI ने कर दिया ह...6 years ago
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फ़िल्म पंगा : अधूरे सपनों को पूरा करने की जद्दोजहद - हमारे देश क्या पूरे संसार में ही कुछ वर्ष पहले तक लड़के/लड़कियों के काम सुनिश्चित थे।उन्हें शादी कर घर और बच्चे की देखभाल करनी है और लड़के को नौकरी कर पैसे ...6 years ago
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कविता पाठ नौकरी पेशा लोगों का जीवन (नटखट गोपाल) - मैं और मेरी जया दोनों खुशहाल, एक था हमारा नटखट गोपाल, चौथी में पढ़ता था उम्र नौ साल, जान से प्यारा हमें अपना लाल, तमन्ना थी मैं खूब पैसा कमाऊँ, अपने लाडले को...6 years ago
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तीसरा दिन: जैसलमेर में मस्ती तो है - 13 दिसंबर 2019 कुछ साल पहले जब मैं साइकिल से जैसलमेर से तनोट और लोंगेवाला गया था, तो मुझे जैसलमेर में एक फेसबुक मित्र मिला। उसने कुछ ही मिनटों में मुझे प...6 years ago
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मन मोहक नारे - “हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई, हम सब हैं भाई भाई” सुनने में कितना अच्छा लगता है न? हम सब हैं भाई भाई| यही तो संविधान की आत्मा है| किंतु क्या यह नारा दिल में उतर...6 years ago
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दर्द रुकता नहीं - कुछ दर्द में रह लेते हैं, कुछ दर्द सह लेते हैं, दर्द है कि उबलता रहता है, हम जाम भर कर पी लेते हैं, मगर ये कम अक्ल आंसुओं में बह लेता है, अंदर एक समंदर है, ...6 years ago
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येवती गांव में मनाई जाती है दिवाली-भाई दूज एक साथ - *जलगाँव – ( विपुल पंजाबी )* पूरे देश में दिपावली व भाईदूज का पर्व समाप्त होने के बाद जलगाँव जिले के बोदवड तहसील के येवती गांव में दीपावली व भाईदूज पर्व मन...6 years ago
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तुम्हारी उदासी - तुम जब भी उदास होते हो मै उन वजहों को खोजने लगती हूँ जो बन जाती है तुम्हारी उदासी की वजह और उन ख़ूबसूरत पलों को याद करती हूँ जो मेरी उदासी के समय ...6 years ago
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अब पुलिस अधिकारी तय करेंगे कौन पत्रकार है या नही रायपुर प्रेस क्लब ने शुरू की नई परम्परा , पत्रकारों में आक्रोश - रायपुर । अब रायपुर प्रेस क्लब अकेले तय नही करेगी कि उसके सदस्य पत्रकार या सदस्य हैं कि नही , बल्कि पुलिस महानिरीक्षक रायपुर तय करेंगे । ऐसा पहली बार हुआ...6 years ago
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दिल से निकली हुई दुआ हूँ मैं..... - *दिल से निकली हुई दुआ हूँ मैं..* *रस्म ए उल्फ़त का सिलसिला हूँ मैं..!* *लब़ ए खामोश ग़रचे जाहिर हूँ..* *इश्क़ का ऐसा फ़लसफ़ा हूँ मैं..!* *मुझको महफ़िल में ...6 years ago
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कविता और कुछ नहीं... - कविताएं और कुछ नहीं आँसू हैं लिखे हुए.... खुशी की आँच कि दुखों के ताप के अतिरेक से पोषित लयबद्ध हुए... #कविताक्याहै6 years ago
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First Vitthalbhai Patel Award to Me means Dr (Miss) Sharad Singh by Manvani Films, 07.01.2018 - *First Vitthalbhai Patel Award to Dr (Miss) Sharad Singh by Manvani Films , 07.01.2018.* *Hearty Thanks Manvani Films !!! ..and ... Hearty Thanks to Mr ...8 years ago
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क्रान्ति सुनहरा कल लाएगी - क्रान्ति सुनहरा कल लाएगी संघर्षों का फल लाएगी स्वप्न बंधे जंजीरों में आशाएं कुंठित रुद्ध भले होँ आज समय विपरीत सही विधि के निर्माता क्रुद्ध भले होँ स्वेद...8 years ago
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Adjust contrast of a pdf free - Closer to the eye of the shooter, this is because Preview is quite literally applying a filter to each individual page of the PDF you are saving. the proce...8 years ago
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ब्लॉगर्स से फेसबुकिया बनने पर - ब्लॉगर्स से फेसबुकिया बनने पर कौन-कौन क्या-क्या बन गया। तांगे में या रेस के घोडे को एक ऐनक/Blinker पहनाई जाती है....ताकि वो केवल सामने ही देख सके। ऐसे ही ...8 years ago
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हर नन्ही याद को हर छोटी भूल को नये साल की शुभकामनाएं! - सर्वश्वेरदयाल सक्सेना की ये कविता साल 2017 की आगवानी में व्हाट्सऐप ग्रुप से फ़ेसबुक तक घूम रही है। डिजिटल संसार में अपने प्रिय कवियों को विचरते देखना एक सु...9 years ago
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अनजान रास्तों पर पूरे कॉन्फिडेंस के साथ:-2 - आज तक हम तकनीक पर बहुत हद तक निर्भर होते जा रहे हैं और असल में आज की ज़रूरत भी है, मैं पिछले पोस्ट की ही शृंखला को आगे बढ़ाते हुए आज जीपीएस और सैटेलाइट नेवि...9 years ago
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प्रश्न अनुत्तरित... - तुमने मेरे लिए क्या किया ये ज्वलंत सवाल गाहे बगाहे जीवन को छलनी करता रहा और मैं आगे और आगे बढ़ता रहा मैंने सोचा वाकई गहरा है ये पूछना तुमने क्या किय...9 years ago
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Grasshoppers of विदर्भ and बुंदेलखंड - William Somerset Maugham का नाम शायद आपने सुना होगा । अंग्रेजी भाषा के मूर्धन्य नाटक कार , कहानीकार और उपन्यास कार हुए हैं । उनको अंग्रेजी साहित्य जगत म...9 years ago
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Chord Lagu Almost Lover - A Fine Frenzy - Intro: Am, D x2 AmYour fingertips across my skin DThe palm trees swaying in the wind Am DImages ...10 years ago
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क्या सितम है कि हम लोग मर जायेंगे. - *कितनी दिलकश हो तुम,कितना दिलजू हूँ मैं,* *क्या सितम है कि हम लोग मर जायेंगे. * सुबह 6 बजे से यह शेर गूँज रहा है दिल-ओ-ज़ेहन में. अम्मा और मौसी यूँ किसी...10 years ago
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बीमा सुरक्षा और सुनिश्चित धन वापसी - कविता - अविनाश वाचस्पति - ##AssuredIncomePlanPolicy निश्चित धन वापसी और बीमा सुविधा संदेह नहीं यह पक्का बनाती है विश्वास विश्वास में ही मौजूद रहती है यह आस धन भी मिलेगा और निडर ...10 years ago
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एक रामलीला यह भी - एक रामलीला यह भी यूं तो होता है रामलीला का मंचन वर्ष में एक बार पर मेरे शरीर के अंग अंग करते हैं राम, लक्ष्मण, सीता और हनुमान के पात्र जीवन्त. देह की सक...10 years ago
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उसके लिए (सरोकार की मीडिया) - फेसबुक पर एक लेखक वर्ग ऐसा है जो हम जैसी घरेलू लेखिकाओं से बहुत डरता है क्योंकि हमारा लिखा (चाहे थोडा लिखें) तारीफ़ पाता है |ज्यादा की चाह के बिना हम अपन...10 years ago
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जीवन की विभीषिका - 💖 जीवन की विभीषिका 💕 ~~~~~~~~~~~~~~~~ अपने चेहरेे पर झूठ का मख़ौटा चढ़ाती हूँ दिल के 
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ब्लॉग पर हाशिये का समाज परिचर्चा में खुलकर बोले दक्षिण एशियाई ब्लॉगर्स - *भूटान में परिकल्पना का चतुर्थ अंतर्राष्ट्रीय ब्लॉगर सम्मलेन संपन्न * *थिम्पू (भूटान) *हिंदी ब्लॉगिंग का दायरा सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि अन्य देशों में भी...11 years ago
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दो बूँद का सागर - ● *दो बूँद का सागर* ● (01-01-2015) बेबसी अब हद से गुजरने लगी है शब्द अब तुम तक पहुँच न पाते हैं, आँखें बेशक काबिल हैं समझाने में, उफ़ पर्दा आँखों पर चढ़ाये...11 years ago
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जयपुर में लोकरंग का राष्ट्रीय हस्तशिल्प मेला पिछड़ा - फर्नीचर से दबी स्टालें प्रशासनिक अव्यवस्था का आलम तारी पहली बार वसूला गया शिल्पियों से शुल्क कई स्टॉल रहे खाली, शिल्पी लौटे हताश स्टालों पर स्थानीय दुक...11 years ago
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मेट्रीमोनियल वाली झूठी लड़की - ये कई साल पहले की बात है। दो लड़कियां थीं। एक ब्वॉयफ्रेंड वाली, एक मेट्रीमोनियल वाली। ब्वॉयफ्रेंड वाली लड़की 24 साल की थी और मेट्रीमोनियल वाली 34 की। ...11 years ago
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आहटें ..... - *आज भोर * *कुछ ज्यादा ही अलमस्त थी ,* *पूरब से उस लाल माणिक का * *धीरे धीरे निकलना था * *या * *तुम्हारी आहटें थी ,* *कह नहीं सकती -* *दोनों ही तो एक से...11 years ago
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जब-जब रात उदास हुई है... - जब-जब रात उदास हुई है पास तुम्हारे न आने पर, ख़ाब का तकिया रख आया है चाँद नींद के सिरहाने पर. फ़िर साँसों की मध्यम लय पर अरमानों ने आह भरी, तल्ख़ हक़ीक़...11 years ago
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मंगलूर रिफ़ाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड द्वारा आयोजित अखिल भारतीय हास्य कवि सम्मेलन - *शानदार, शानदार, शानदार …………………* * शानदार और जानदार रहा मंगलूर रिफ़ाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड द्वारा राजभाषा विभाग के तत्वाधान में डॉ बी आर पा...11 years ago
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मैं ‘आप’ को पसंद क्यों करता हूँ- मटुकनाथ - बहुत दिनों के बाद फेसबुक पर बैठा, तो मित्रों ने प्रश्नों की झड़ी लगा दी कि आपने ‘आप’ में क्या देखा जो शामिल होने का मन बना लिया ? अलग अलग कितना जवाब दूँ। ...12 years ago
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भ्रष्ट आचार - स्वतंत्र भारत की नीव में उस समय के नेताओं ने अपनी महत्त्वाकांक्षाओं के रख दिये थे भ्रष्ट आचार फिर देश से कैसे खत्म हो भ्रष्टाचार ?12 years ago
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ख़ामोश इल्तिज़ा - तन्वी बालकनी में खड़ी सामने फैले स्याह अँधेरे को घूंट घूंट पीने की कोशिश कर रही थी ,सोचती कुछ ऐसा जादू हो कि वो स्याह अँधेरे में गुम हो जाए और फिर कोई उस...12 years ago
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me and jagjit singh sahab - * मैं और जगजीत साहब..* 1996-97 की बात है शायद.. मरहूम गजल सम्राट जगजीत सिंह जी रायपुर आए थे। तब दैनिक भास्...12 years ago
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सस्ते पेट्रोल से शिकायतनामा - प्रिय-अप्रिय पेट्रोल, उपरोक्त संबोधन के लिए क्षमा चाहूंगा लेकिन तुम्हारा व्यवहार प्रिय व अप्रिय दोनों रहा है इसलिए मेरे लिए तय कर पाना मुश्किल हो रहा था ...12 years ago
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संविधान बिछाओ - सेक्स करो - *भारत के नेताओं,* धर्म रक्षको, बुद्धीजीवियों से पूछा जाये - "क्यों जी बलात्कार पर आपकी क्या राय है।" तो सारे ऐसी घोर निंदा करेंगे कि सारे बलात्कारी राम...12 years ago
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छत्तीसगढ़ बनिस अपराधगढ़ - का कहवं संगवारी, फ़ेर कहे बिगर नई रहे सकंव। छत्तीसगढ़िया सबले बढिया कहिथे। बढिया एखर सेती हे के कउनो ल तकलीफ़ नई दे। खाए बर नई रही त लांघन भूखन रही जाही ...13 years ago
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ज़रा सोचिये ! - बलात्कारियों के लिए कौनसी सजा उचित है या होनी चाहिए ये तो देश के बुद्धिजीवी और प्रबुद्ध व्यक्ति तय कर ही लेंगे मगर मैं कुछ और भी सोचता हूँ, जो कुछ इस तर...13 years ago
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अब आया पाकिस्तान पहाड़ के नीचे - अमेरिका द्वारा हक्कानी नेटवर्क को आतंकवादी संगठन करार किये के पाकिस्तान के लिये बहुत गंभीर परिणाम होंगे। इस प्रतिबंध के प्रावधानो के तहत ऐसे आतंकवादी ...13 years ago
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नई कविता की प्रवृत्तियां - प्रयोगवाद और नई कविता की प्रवृत्तियों में कोई विशेष अंतर नहीं दिखाई देता। नई कविता प्रयोगवाद की नींव पर ही खड़ी है। फिर भी कथ्य की व्यापकता और दृष्टि की उ...13 years ago
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निर्मल बाबा केवल एक नहीं है : अन्तर सोहिल - इंदु आहूजा, लाल किताब वाले गुरूदेव और अन्य बहुत सारे ज्योतिष बताने और यंत्र बेचने वाले टीवी चैनलों के जरिये धर्मांध जनता को शोषित कर रहे हैं। कई बार तो लग...13 years ago
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देखो ए दिवानों ऐसा काम न करो … - अयोध्या में प्रस्तावित श्री राम जानकी मंदिर देखो ए दिवानों ऐसा काम न करो … राम का नाम बदनाम न करो !!! चुनाव का मौसम आ गया है । उत्तर प्रदेश में भाजपा ने अप...14 years ago
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पापा को भी प्यार चाहिए -सतीश सक्सेना - *निम्न रचना में व्यथा वर्णन है उन बड़ों का जो अक्सर अपने आपको ठगा सा महसूस करने लगते हैं ! कृपया किसी व्यक्तिविशेष से न जोड़ें ...* *महसूस करें बुजुर्गों क...14 years ago
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'आज का इतिहास,द्वादश-भाग' - *'१६ दिसम्बर का ऐतिहासिक महत्व'१६ दिसम्बर ग्रेगोरी कैलंडर के अनुसार वर्ष का ३५०वॉ (ल...14 years ago
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"मेरा देश और मै" पर संभाषण प्रतियोगिता संपन्न - जय हिंद, समस्त आत्मीय जनों को आपके अपने गौरव शर्मा "भारतीय" की ओर से सादर प्रणाम, आदाब, सतश्री अकाल !! दिनांक 19.11.2011 को "अभियान भारतीय" एवं संस्कार भारत...14 years ago
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महाभियोग की कार्रवाई से पहले हाई कोर्ट न्यायाधीश ने इस्तीफा दिया - महाभियोग की कार्रवाई का सामना कर रहे कलकत्ता हाईकोर्ट के न्यायधीश सौमित्र सेन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। सेन ने अपना इस्तीफा राष्ट्रपति को भेज दिया ...14 years ago
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फिर आयी आपातकाल और प्रेस सेंसरशिप की याद ! - कोई ज्यादा पुरानी बात नहीं है. सिर्फ छत्तीस साल पहले की यानी वर्ष १९७५ की बात है ,जब लोकनायक जयप्रकाश नारायण के सम्पूर्ण क्रान्ति आंदोलन से देश...14 years ago
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हाथी की सवारी (नाम्दाफा नॅशनल पार्क) - अगले दिन हम लोगों ने hornbill bird देखने का कार्यक्रम बनाया था । hornbill कैंप जाने मे कितना समय लगेगा ये हर कोई अलग बताता था कोई कहता हाथी से जाने मे ४ घं...14 years ago
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'मानव और गप्पबाजी दोनों एक दूसरे के बिना जीवित नहीं रह सकते' - अभी हाल ही में खबर पढ़ने को मिली कि 'भारत-आयरलैंड' के बीच हुए मुकाबले में सचिन को पवेलियन की राह दिखाने वाले किशोर गेंदबाज डोकरेल का सचिन के अंतर्राष्ट्र...15 years ago
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वेलेंटाइन डे: मुझे बिहार से हुआ प्यार! - पत्रकारिता के सबक सीखने जब मैं दिल्ली रहने आया था तो मैंने पहली बार देखा था कि बिहारी लोग रेहड़ी- खोमचे वालों के अलावा भी होते हैं। हिमाचल छोड़ कर जाते समय म...15 years ago
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हबीब साहब हमारे प्रेरणाश्रोत ........... - समस्त आत्मीय जनों को आपके अपने गौरव शर्मा "भारतीय" की ओर से सादर प्रणाम !! सर्वप्रथम आप सभी को मै हर्ष के साथ यह सुखद समाचार देना चाहता हूँ कि आप सभी के ...15 years ago
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‘तुम्हारे शहर में आए हैं हम, साहिर कहां हो तुम’ - - राजकुमार केसवानी इस दुनिया के दस्तूर इस क़दर उलझे हुए हैं कि मैं ख़ुद को सुलझाने में अक्सर नाकाम हो जाता हूं. पता नहीं क्या सही है और क्या ग़लत. ऐसे में...15 years ago
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दोमट पर पहली छिड़कन से ! - सावन की रिमझिम बरखा ने, बिजली कोई गिराई है, जल की बूंद पड़ी उस तन पर, आँच यहाँ तक आई है। रवि तप से सुलगी वसुधा, आज भस्म है नवयौवन से, दोमट पर पहली छिड़कन स...15 years ago
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चिटठा लेन 3
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साहित्य अकादमी के "स्मरण मुक्तिबोध" में सारस्वत अतिथि डॉ (सुश्री) शरद सिंह - "मुक्तिबोध न तो पूरी तरह साम्यवादी थे और न वामपंथी, वे मूल रूप से सिर्फ मानवतावादी थे। यह बात उनकी कहानियां "ब्रह्मराक्षस का शिष्य" और "क्लॉड ईथरली" जै...1 hour ago
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प्रकृति का विस्मयकारी चमत्कार: 12 फीट 8 इंच ऊँची 'लौंग तुलसी' ने रचा नया इतिहास - अक्सर हम अपने घरों या बगीचों में 2-3 फीट की तुलसी देखते हैं, लेकिन भोपाल की मिट्टी में प्रकृति ने एक ऐसा अध्याय लिखा है जिसे देख दुनिया दंग रह जाएगी। यह ...1 day ago
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तालियों से सच बदलता नहीं --- - दर्द के गाँव में ठहर कर देखिये मौत से पहले ही मर कर देखिये भूख की आँखों में जलते प्रश्न हैं, उनसे आँखें आप भर कर देखिये तालियों से सच बदलता ही नही...1 day ago
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पद्मश्री अनूप जलोटा जी मेरा ग़ज़ल संग्रह पढ़ते हुए - अद्भुत क्षण महान भजन गायक आदरणीय श्री अनूप जलोटा जी मेरी किताब पढ़ते हुए. और प्रसंशा करते हुए आदरणीया श्रीमती दीप्ती चतुर्वेदी जी के प्रति हृदय से कृतज्ञ...1 day ago
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अमेरिका का बड़बोलापन - पिछले दिनों अमेरिका की वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट के एक बयान के बाद भारतीय समाज में हलचल सी मच गई. इसमें न केवल राजनीति बल्कि बौद्धिक वर्ग, मीडिया, सोशल म...5 days ago
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संकट का हिमालय और हिमालय का संकट : अतुल सती - पर्वतीय भू-संकट पर अतुल सती (परंपरागत रूप से संवेदना को साहित्य का मूल आधार माना गया है।लेकिन संवेदना के गुण-धर्म भी बाह्य जीवन पर आश्रित होते ह...6 days ago
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Happy Birthday Mitthu - * जन्मदिन मुबारक हो मिट्ठू * हां मुझे तुम्हारा यह नाम अब तक याद है... बचपन में तुम्हारी मां इस नाम से बुलाती थी न तुम्हें...और जैसे तुम बड़ी हुई, तुमको यह...1 week ago
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हर एक सफर की कहानी लिखो... संध्या शर्मा - हर एक सफर की कहानी लिखो, दिल की धड़कनों की रवानी लिखो। रास्तों में बिखरी है गुलों की महक, बाद-ए-सबा की मेहरबानी लिखो। कैसे मिलते हैं लोग कहीं दूर पर, उस ता...1 week ago
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नलखेड़ा स्थित मां बगलामुखी का मंदिर - -* डाॅ. गायत्री शर्मा* भक्तों की संकटहरणी और ज्ञात-अज्ञात शत्रुओं का काल बनकर उन्हें मन, वचन और वाणी से वश में करने वाली पीताम्बरा माँ बगलामुखी के दर्शन ...2 weeks ago
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डिजिटल पीढ़ी का विरोधाभास - इस तेजी से डिजिटल होती संस्कृति में हमारी पीढ़ी एक बड़े विरोधाभास से जूझ रही है। यूँ कहने को तो हम इंसानी सभ्यता की सबसे ज्यादा कनेक्टेड पीढ़ी हैं लेकिन...3 weeks ago
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ब्लॉग से इंस्टाग्राम तक की सभ्यता ***** - हमने अपनी क़लम की दुनिया ब्लॉग से शुरू की थी। वह समय ऐसा था जैसे किसी शांत दोपहरी में अपनी डायरी खुली छोड़ दी जाए और कोई अनदेखा पाठक चुपचाप उसे पढ़कर कोन...3 weeks ago
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यूजीसी–आईकेएस मास्टर ट्रेनर्स के लिए एक दिवसीय ओरिएंटेशन प्रोग्राम लखनऊ विश्वविद्यालय में आयोजित - ------------------------------ लखनऊ, 07 दिसंबर 2025: विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) और शिक्षा मंत्रालय के भारतीय ज्ञान परंपरा (IKS) प्रभाग द्वारा संयुक्त...3 months ago
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दक्षिण एशिया की शांति तलवार की धार पर — लाल किले के निकट धमाका क्षेत्रीय स्थिरता पर नया प्रश्नचिह्न - *दक्षिण एशिया इस समय एक बारीक तलवार की नोक पर खड़ा है। दिल्ली में लाल किले के पास हुआ कायराना धमाका अब तक भारत सरकार द्वारा आतंकी कार्रवाई घोषित नहीं कि...4 months ago
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घर अब घर नहीं लगता - Share घर अब घर नहीं लगता जब जब घर की चौखट पर पैर रखा किसी वीराने जंगल में पहुँच जाने का एहसास चुभ गया मन में , माँ एक कोने में खाली...7 months ago
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"कैसे अब भूलूं मैं तुमको " - उस भाई की याद में जिसे मैं कितना मानती थी वह अब उसे नहीं कह पाऊंगी ) "कैसे अब भूलूं मैं तुमको " हर पल तुमको याद करूं मैं रूठ गए क्यों मुझसे तुम ? अब भी ग...1 year ago
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बिहार की शराबबंदी या शराब में बिहारबंदी - सोच कर देखिये कितनी मजेदार बात है न जिस प्रदेश में शराब की बंदी हो और वो भी पिछले कई सालों से और सरकार ,प्रशासन पुलिस सब इस बात की ख़ुशी भी जाहिर करते ...1 year ago
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लेकिन मैने हार न मानी (पद्म सिंह) - संघर्षो की अकथ कहानी। लेकिन मैंने हार न मानी।। आशाओं के व्योम अनंतिम स्वप्नों का ढह जाना दिन दिन संबंधों के ताने बाने नातों का अपनापा पल छिन क्रूर थपेड़े...1 year ago
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किस बरहमन ने कहा था कि ये साल अच्छा है? - इस साल का आखिरी दिन है ये, और इस साल का मेरा ये पहला और आखिरी ब्लॉग पोस्ट. इस साल की जब शुरुआत हुई थी तब सोचा तो बहुत कुछ था, इस ब्लॉग के बारे में भी सो...3 years ago
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मेरे शिव ! तेरी जटा में अब कैसे समाऊँ ? ...... - हाँ ! तेरे चरणों पर, बस लोट- लोट जाऊँ हाँ ! माथा पटक- पटक कर, तुम्हें मनाऊँ बता तो हृदय चीर- चीर, क्या सब बताऊँ ? मेरी हरहर- सी वेदना के प्रचंड प्रवाह क...3 years ago
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CSK Vs MI: तिलक, ऋतिक ने मुंबई की लाज रखी - *लो स्कोरिंग मैच में मुंबई को मिली 5 विकेट से जीत, मुंबई इंडियंस के साथ चेन्नई सुपरकिंग्स भी प्लेऑफ स्टेज से बाहर, चेन्नई सुपरकिंग्स की ओर से धोनी को छ...3 years ago
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पटना यात्रा के अनुभव भाग - 2 - अगली सुबह सोकर उठे तो चाय सुडकने की तलब लगी और किसी गुमटी ठेले पर चाय सुडकने का एक अलग ही आनंद होता है. गुमटी पर चाय सुडकने जावो तो वहां के खास देशी लोगों ...3 years ago
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समर भूमि संसार है - *दुख के भीतर ही छुपा, सुख का सुमधुर स्वाद,* *लगता है फल, फूल के, मुरझाने के बाद।* *हो अतीत चाहे विकट, दुखद...4 years ago
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मां की लोरी जैसी मीठी विविध भारती - हमारी पीड़ी के बचपन की प्लानिंग अकसर टीवी पर दिखाई जाने वाली हफ्ते की दो हिंदी फिल्मों और दो चित्रहार प्रोग्रामों के इर्द-गिर्द ही घूम लिया करती थी ...उस...5 years ago
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कविता -दिल्ली क्यों जला रहा है ? - दिल्ली क्यों जल रहा है ? छुपके चुपके खामोश षड़यंत्र रचा जा रहां है, तिल-तिल आहत संविधान हिंसा द्वेष से प्रजातंत्र जल रहा है | प्रजा हित प्रमुख है या शासक क...6 years ago
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बस्तर में नक्सलवाद के अलावा नारियल, कोको, लीची, अन्नानास, कॉफ़ी, कालीमिर्च भी है... - जब भी बस्तर की बात होती है नक्सलवाद से शुरू होकर नक्सलवाद पर ही खत्म हो जाती है। कुछ गिने-चुने दर्शनीय/धार्मिक स्थलों पर भी चर्चा हो जाती है। लेकिन क्या...6 years ago
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Aakhir kab ? आखिर कब ? - * आखिर कब ? आखिर क्यों आखिर कबतक यूँ बेआबरू होती रहेंगी बेटीयाँ आखिर कबतक हवाला देंगे हम उनके पहनावे का उनकी आजादी का उनकी नासमझी और समझदारी का क्यों ...6 years ago
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ना काहू से दोस्ती .... - *पुलिस और वकील एक ही परिवार के दो सदस्य से होते हैं, दोनों के लक्ष समाज को क़ानून सम्मत नियंत्रित करने के होते हैं, पर दिल्ली में जो हुआ या हो रहा है उस...6 years ago
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" गहलोत सरकार की चालाकियां" ! ?? _ - राजस्थान में जब से गहलोत सरकार ने शपथ ग्रहण की है,तभी से उसे एक चिंता बहुत बुरी तरह से सता रही है ! वो समस्या है निकाय चुनावों की ! गहलोत सरकार चाहती है...6 years ago
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प्रोपगेंडा फैलाने की प्रयोगशाला टीवी विज्ञापन के प्रयोग और उसके असर (कुँवर जी) - सिनेमा और टीवी व विज्ञापन की ताकत को वामपंथी कसाई ईसाई पापीये कंगले खूब समझते है, और विज्ञापन जगत में अच्छी पकड़ भी इन्होंने बनाई है। अपने प्रोपगेंडा को जन...6 years ago
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काठ की बनी मैं - पिछले कई दिनों से ब्लॉग पर जो भी लिख रही थी वो कहीं न कहीं ब्लैक एंड व्हाइट फिल्मो जैसा था | जिसे जानते तो सब है पर शायद देखना कोई नहीं चाहता | तो सोचा कि...7 years ago
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Seberapa Greget loe sama Guru, Selamat Hari Guru 2018 - kelakuan kid jaman now asli bikin greget.. hahaha..7 years ago
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चार पल की जिंदगी में चाँद सांसो का सफ़र - प्यार की हर बात से महरूम हो गए आज हम दर्द की खुशबु भी देखो आ रही है फूल से दर्द का तोहफा मिला हमको दोस्ती के नाम पर दोस्तों के बीच में हम जी रहे थे भूल ...7 years ago
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शहर, खिड़की और लोग – 7 (वो मोबाइल बंद कर, सो गई है..) - *इस कहानी को लिखते वक़्त कोई और मनोभाव नहीं आए...जितना सोचता गया, बस उतना ही लिखता गया...मैं जान भी कितना सकता हूं, पुरुष हो कर किसी लड़की को...उसके अंदर ...7 years ago
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How to reverify your Mobile no. with Aadhaar through IVR | Link Mobile N... - जैसा कि सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के अनुसार सभी मोबाइल no को आधार से एक बार reverify कराना आवश्यक हो गया है । अभी तक इसके लिए आपको रिटेलर पर जाना पड़ता था ...8 years ago
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यदि ऐसा है तो गुजरात में अब की बार भी कमल ही खिलेगा! - गुजरात विधान चुनाव के पहले चरण के मतदान में गिनती के 9 दिन बचे हैं। दूसरे चरण के मतदान के लिए 14 दिन, भले ही 3 साल बीतने के बाद भी देश के प्रधान मंत्री नरे...8 years ago
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“ रे मन ” - *रूह की मृगतृष्णा में* *सन्यासी सा महकता है मन* *देह की आतुरता में* *बिना वजह भटकता है मन* *प्रेम के दो सोपानों में* *युग के सांस लेता है मन* *जीवन के ...8 years ago
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वेरा पावलोवा की दो कविताएँ - *"एल्बम फॉर द यंग (ऐंड ओल्ड)" नाम है वेरा पावलोवा के नए कविता संग्रह का. पिछले कविता संग्रह "इफ देयर इज समथिंग टू डिज़ायर" की तरह इस संग्रह की कविताओं का भ...8 years ago
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गिरिधर की कुण्डलियाँ - सुप्रसिद्ध कवि गिरिधर ने अनेक कुण्डलियाँ लिखी हैं। प्रस्तुत है गिरिधर कवि रचित गिरिधर की कुण्डलियाँ। *बिना विचारे जो करै* बिना विचारे जो करै, सो पाछे पछि...8 years ago
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डोलिया में उठाये के कहार - *डोलिया में उठाये के कहार * *ले चल किसी विधि मुझे उस पार * *जहाँ निराशा की ओट में * *आशा का सबेरा हो * *तम संग मचलता उजालों का घेरा हो * *जहाँ मतलबी नहीं अप...8 years ago
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..और तुम्हारी याद आयी है - आज बगीचे के उस कोने में कुछ पीले फूल खिले हैं ..और तुम्हारी याद आयी है .. आज आसमानों को छूता चिड़ियों का एक झुण्ड उड़ा है..और तुम्हारी याद आयी है .. आज हवा ...8 years ago
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खोटा पैसा - ऐसा क्यों होता है कि आप रात को सोने की कोशिश करो नींद न आये ... बस न जाने कहाँ से कुछ शब्द भीड़ कर आये मन में .... ऐसा क्यों होता है ? युग बीते ये गुस...9 years ago
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प्रेम- विवाह से पहले या बाद...... - बदलते दौर में सब कुछ अलग सूरत अख्तियार करता जा रहा है.....यहाँ तक की भावनाएं भी बदल गयी हैं....सोच तो बदली ही है| प्रेम जैसा स्थायी भाव भी कुछ बदला बदला लग...9 years ago
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.भारत डामेन कैसे रजीस्टर करें? - हिन्दी मे लिखते हैं और हिन्दी भाषा के ज्ञान को दूसरो मे भी बाटना चाहते हैं तो .भारत से अच्छा डामेन कोई और नही होगा क्यों कि यह पूरी तरह से हिन्दी भाषा मे ह...9 years ago
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कृष्ण - *कृष्ण न होते तो न मैं धर्म से जुड़ पाता और न ही अध्यात्म से !!कृष्ण, बुद्ध और जीसस इन तीनो का मेरे जीवन में परम स्थान है..प्रणाम भगवनविजय*9 years ago
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रात भर - रात भर मेघ बरसते रहे रात भर धरती भीगती रही पेड़ों के पत्ते खामोश रहे, रात भर और चांदनी भी मुंह चुराती रही कुछ सुना तुमने.. क्या.. दिल मेरा धडकता रहा रात भर....9 years ago
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सर्प-दंश -जागरूकता - मंगलवार की शाम चार बजे खबर मिलती है कि मेरे पड़ोसी गांव बख्शा निवासी पंडित लक्ष्मी उपाध्याय को सबेरे किसी विषधर सर्प ने काट लिया,जिला अस्पताल में भर्ती ...9 years ago
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बाल कहानी, 'नया पुराना' : जनसत्ता, 6 March 2016 - 'नया-पुराना' ________________ -मनोहर चमोली ‘मनु’ बीस रुपए का पुराना नोट बटुए के भीतर आया। उसे किसी ने टोका-‘‘अरे, अरे! जरा हट के। कहां चढ़े जा रहे हो?’’ बी...9 years ago
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#शनि पर भारी भारतीय नारी - [image: Blog parivaar]! श्री हरी क्षीर सागर में शेषनाग रूपी अपनी चिरपरिचित शैया पर आराममय मुद्रा में लेटे हुए थे और श्री प्रिया उनके चरणों में बैठी उनक...10 years ago
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सिंहस्थ, उज्जैन, उपन्यास "नतोहम्", मीनाक्षी स्वामी - *Meenakshi Swami "Natoham" Novel * *"नतोहम्" उपन्यास {मीनाक्षी स्वामी} में सिंहस्थ, उज्जैन के साथ भारतीय संस्कृति का रेखांकन * * लब्ध प...10 years ago
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THE MOMENT WHEN I WAS REALLY FRIGHTENED - आइये आज आपको मिलवाती हूँ एक नवोदित उभरती हुई रचनाकार से ! यह है वाणी, मेरी पोती, जो कक्षा ९ की विद्यार्थी है ! आज पढ़िए उसका लिखा हुआ यह अनुभव जो उसने कु...10 years ago
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जिन्दगी से ये सब चाहा तो नहीं था - हरि शर्मा - तुम जब थी तो जीवन में फूल ही फूल महक रहे थे मुझे तुमसे प्यार था ये कभी कह तो नहीं पाया पर प्यार तुम्ही से था यह जान लेना कठिन तो नहीं था स्मृतियों क...10 years ago
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अम्मा. - ......मैंने पहले बोलना सीखा ...अम्मा... ! फिर लिखना सीखा.... क ख ग a b c 1 2 3 ... फिर शब्द बुने ! फिर भाव भरे ! .... मैं अब कविता गुनता हूँ , कहानी गड़ता...10 years ago
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क्रिकेट विश्व कप 2015 विजय गीत - धोनी की सेना निकली दोहराने फिर इतिहास अब तो अपनी पूरी होगी विश्व विजय की आस | शास्त्री की रणनीति भी है और विराट का शौर्य , धोनी की तो धूम मची है विश्व ...10 years ago
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आया फागुन आया बसंत - *आया फागुन आया बसंत * *सूखे ठिठुरे थे जाड़े भर * *वे पादप भी है बौरमंत * *अनगिन पुष्पों के सौरभ से * *गर्भित होकर ...11 years ago
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कथा सुनो शबाब की - *कथा सुनो शबाब की* *सवाल की जवाब की* *कली खिली गुलाब **की* *बड़े हसीन ख़ाब की* * नया नया विहान था* * घ...11 years ago
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Gagasan Besar Untuk Membantu Anda Untuk Dalam Kitrchen - Memasak bisa menjadi hobi tercinta bagi individu yang tak terhitung jumlahnya, dan juga sesuatu yang kebanyakan orang dapat mengetahui bagaimana melakuka...11 years ago
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Right Wrong(सही गलत) - *सही गलत* सरकार की अगर कोई नीति बरसों बाद आदालत के निर्देश पर खारिज होती है। या फिर सरकार को बीते बरसों के फैसले रद्द करने पड़ते हैं तो फिर जिन निवेशकों न...11 years ago
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उसकी ही याद में - वीणा का हर तार बजने लगा मौसिम जो ऐसा था और मुझ पर प्रेम की नज़र भी डाली थी उसने मुझसे निसरी थी राग बिन बांसुरी स्वरलहरियां नृत्य करने लगी और बज उठा हर तार व...11 years ago
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इन्तहा इंतज़ार की - *इन्तहा इंतज़ार की * *दो आँखों की बेकरारी कर रही है किसी का इंतज़ार * *ये बिखरा हुआ सन्नाटा उसको कर रहा है बेकरार * *उसके कदमो की आहट सुनने को है बेताब *...11 years ago
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"मदर्स डे" पर एक साथ तीन साड़ियां पैक हुईं एक माँ , दूसरी सासू माँ , तीसरी खुद के लिये - "मदर्स डे" पर साड़ी की दुकानों में खूब भीड़ रही। रविवार होने के कारण गरीबी रेखा के कार्ड होल्डर कर्मचारी सन्डे मनाने के कारण दुकान नहीं आये। मालिकों ने ही...11 years ago
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मैं मुक्तक से मुक्त हुआ अब कविता तुम ही कर लेना - *"* *मैं मुक्तक से मुक्त हुआ अब कविता तुम ही कर लेना , मैं चेतना और वेदना का अनुवाद करने जा रहा हूँ तुम शब्दों में तुकबंदी ढूंढो तुकब...11 years ago
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रंग रंगीली होली आई. - [image: Friends18.com Orkut Scraps] रंग रंगीली होली आई.. रंग - रंगीली होली आई मस्तानों के दिल में छाई जब माह फागुन का आता हर घर में खुशियाली...11 years ago
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वाह टिप्पणियां , आह टिप्पणियां ……… - [image: [image%255B2%255D.png]] पोस्टों और टिप्पणियों को सहेज़ने में मुझे विशेष आनंद आता है इसलिए समय मिलते ही मैं कभी पोस्ट लिंक्स को संजोने के बहाने...12 years ago
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मन के आँगन सून पिया रे ! - मन के आँगन सून पिया रे ! सगरो भाव कइसन मुरझाइल। रंगरेज भी रंग ना पाईल सगरो रंग अइसन मैलाईल। हूक उठावे कोयल के कूक जियरा में चीर लगावे मन तक कौनो बा...12 years ago
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बाँसुरी चली आओ - डॉ कुमार विश्वास Kumar Vishwas (Bansuri Chali Aao) - तुम अगर नहीं आयीं, गीत गा ना पाऊँगा| साँस साथ छोडेगी, सुर सजा ना पाऊँगा| तान भावना की है, शब्द-शब्द दर्पण है, बाँसुरी चली आओ, होट का निमन्त्रण है| तुम ब...12 years ago
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थोडी सी सावधानी रखे और हैकिंग से बचे - *आज सुबह सुबह एक दोस्त का मेल आया कि उसका जीमेल अकाउंट किसी ने हैक कर लिया है और वह नही खुल रहा है। किसी तरह से उसका अकाउंट तो वापस सही कर दिया। तभी ल...12 years ago
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बड़ा बेदम निकलता है... - हँसी होंठों पे रख, हर रोज़ कोई ग़म निगलता है... मगर जब लफ्ज़ निकले तो ज़रा सा नम निकलता है... वो मुफ़लिस खोलता है रोटियों की चाह मे डिब्बे... बहुत मायूस हो...12 years ago
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रश्मिरथी / द्वितीय सर्ग / भाग 7 ........दिनकर - 'हाय, कर्ण, तू क्यों जन्मा था? जन्मा तो क्यों वीर हुआ? कवच और कुण्डल-भूषित भी तेरा अधम शरीर हुआ? धँस जाये वह देश अतल में, गुण की जहाँ नहीं पहचान? जाति-गोत्...12 years ago
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आवरण - जानती हूँ तुम्हारा दर्प तुम्हारे भीतर छुपा है. उस पर मैं परत-दर-परत चढाती रही हूँ प्रेम के आवरण जिन्हें ओढकर तुम प्रेम से भरे सभ्य और सौम्य हो जाते हो जब ...13 years ago
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ये इश्क नहीं आसाँ.....! - टीवी मीडिया के क्षेत्र में कदम रखने वाले अनगिनत छात्र-छात्राओं का सपना एंकर या रिपोर्टर बनना ही होता है. ऐसा क्यों है इसका कारण तो मैं भी नहीं समझ सका, लेक...13 years ago
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युवक कांग्रेस चुनाव की हलचल तेज - रायपुर, 10 जून। युवक कांग्रेस का सदस्यता अभियान 24 मई से प्रारंभ होने के बाद युवक कांग्रेस चुनाव की हलचल दिनों दिन तेज होती जा रही है। विधानसभा और लोकसभा ...13 years ago
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मै जीना चाहती थी - जो लिख दिया एक बार मिटाया तो नही जा सकता... मै जीना चाहती थी हाँ लिखा भी था तुम्हे एक दिन मै जीना चाहती थी ज्यादा कुछ तो मांगा ही नही था बस चंद सांसे उध...13 years ago
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एयर रैकी या जॉय राइड..... - गत वर्ष जनवरी व फरवरी माह में खूब बर्फबारी हुई थी। ओएफसी केबल ग्रांफू के आसपास कट जाने से पूरी सर्दी इंटरनेट सेवा ठप रही। सुखद है कि इस साल इंटरनेट ठीक है।...14 years ago
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शरत के उपन्यास चरित्रहीन की नायिकाए - शरत बाबू के वर्मा के घर मे लगी आग मे उनकी कई पुस्तको की पान्डुलिपी जलकर राख हो गयी थी. उनमे से एक थी चरित्रहीन जिसके ५०० पृष्ठों के जलने का उन्हे बहुत ...14 years ago
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भवरी जैसे कुछ और भवंर - *अकेली चिड़िया को जंगल में * *उड़ने की ख्वाहिश हुई * *पर्वत श्रृंखलाओं को* *घर की दीवारों पर टांगने की ख्वाहिश हुई ..* *गहन गह्वरों से उसे सपनों की आहट हुई ...14 years ago
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SAVE TIGER CAMPAIGN - Roaring of tiger sounded like thunder Villagers ran to save their living, people thot the scene as wonder, They blamed the tiger for killing...... "bring my...14 years ago
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भूल भी थी कैसी - भूल भी थी कैसी फूल सी कोमल सो न सकी तडफी प्राण सी बचके मैं चलता तो यों नहीं जलता और जल नहीं जाता तो क्या मैं करता पलकों की छाया में सोई हुई थी कहानी आँख...15 years ago
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आप दूसरा विवाह अतिशीघ्र किजिये : चच्चा टिप्पू सिंह - हां तो बच्चा लोग सबसे पहले तो चच्चा टिप्पूसिंह की टिप टिप पकडो. हम इंहा से आखिरी पोस्ट अठ्ठाईस जनवरी दू हजार दस को लिखा रहा. फ़िर अब आजादी का जश्न मनाने हर ...15 years ago
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Hack: ईस नाम के फोलडर नही बना सक्ते पर मै बना के दीखाउंगा - कई जगह आपने देखा होगा ये कहते हूवे की आप com1,com2..3 नाम के फोलडर नही बना सक्ते। पर आज मै बना के दीखाता हूं और आपको भी सीखाता हूं। जरा con नाम का फोलडर बन...16 years ago
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हिंदी ब्लॉग एग्रीगेटर
चिटठा लेन 4
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उजले ‘श्याम‘ - *संयोजक श्री शशिकांत चतुर्वेदी, श्री सूर्यकान्त चतुर्वेदी और संपादक श्री रूद्र अवस्थी के* *‘पं. श्यामलाल चतुर्वेदी स्मृति ग्रंथ‘ में शामिल मेरा लेख, यहां आं...6 hours ago
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हिंदी ग़ज़ल के पचास वर्ष : ज्ञान प्रकाश विवेक - *हिन्दी ग़ज़ल के पचास वर्ष : ज्ञान प्रकाश विवेक * दुष्यंत कुमार के बनाए राजमार्ग पर चलते हुए हिन्दी ग़ज़ल ने पचास साल का सफ़र तय कर लिया है। हिन्दी ग़...13 hours ago
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जनसंख्या पर रहे नियंत्रण - छंद- सरसीविधान- 27 मात्रीय छंद जिसमें 16, 11 (दोहे का सम चरण) पर यति अंत 21 अनिवार्य।अपदांतसमांत- आर#जनसंख्या पर रहे नियंत्रण, यह ही है उपचार ।बढ़ते बढ़ते...2 days ago
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एक चुटकी उदासी - अनुमिता - करोल बाग में एक पुरानी हवेली है। इसमें एक गुलाबी कमरा है। यह नई दुल्हन का कमरा है। स्नेह-सिक्त परिणय-क्षण पुराने नहीं हो पाते उससे पहले नई दुल्हन अल्पकाल...3 weeks ago
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्षों की कहानी - * ‘तत्वमसि’ में है प्रचारकों की जिंदगी का बयान* *-प्रो.संजय द्विवेदी* देश में हुए सामाजिक-राजनीतिक पर...2 months ago
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लो क सं घ र्ष !: स्टालिन और हिटलर में अंतर फिर आप कहते हैं कि स्त... - लो क सं घ र्ष !: स्टालिन और हिटलर में अंतर फिर आप कहते हैं कि स्त...: स्टालिन और हिटलर में अंतर फिर आप कहते हैं कि स्तालिन तानाशाह थे चर्चिल अपनी बहुचर्चित...3 months ago
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कुंआरी उम्र की देहरी पर - कुंआरी उम्र की देहरी पर ---------------------------------- बत्तीस साल की एक लड़की जब आईने में अपना चेहरा देखती है तो उसे अपनी ही मुस्कान में अपने हिस्से ...3 months ago
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बिहार के मतदताओं से खास अपील - लालूप्रसादयादव की पार्टी 'राजद' और 'कांग्रेस' गठबंधन को कभी वोट न दें - *हरेश कुमार * #लालूप्रसादयादव #मौलानामुलायम जैसे कमीने सदियों में पैदा लेते हैं। इन कमीनों ने अपनी राजनीति के लिए देश को जो घाव दिया है उसकी भरपाई बहु...4 months ago
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आओ चलो, दीप रखते हैं (कविता) - आओ चलो, दीप रखते हैं कविता जीवन के हर उस कोने को प्रकाशित करने का आह्वान है जहां हमारा घर, हमारा प्रेम, और हमारी स्मृतियां... The post आओ चलो, दीप रखते ह...4 months ago
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गाह-2 : जब डुबकी ही शुभारम्भ कहलाती थी - *संकल्प और शुरुआत का एक नाम: आग़ाज* *संकल्प और इच्छाशक्ति की दूरगामी सोच*‘आरम्भ’ और ‘प्रारम्भ’ जैसे शब्द किसी कार्य के अनुष्ठान की सूचना देते हैं, तो ‘श...5 months ago
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Guru Purnima 2025: Honoring the Light of Wisdom and Guidance - *Introduction: What is Guru Purnima?* Guru Purnima is a sacred festival celebrated in India and other parts of the world to pay homage to the spiritu...8 months ago
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वक्त और घड़ियाँ - पहले हम देखा करते थे किसी को अपनी घड़ी थप-थपाते हुए, कलाई से उतार कर चाबी भरते हुए, या कान से लगाकर सुनते हुए— जैसे पूछ रहे हो: "रुकी तो नहीं?" अगर क...9 months ago
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जय हिन्द - जयहिंद की सेना....पहलगाम का बदला लेने वाली वीर भारतीय सेना को समर्पित मेरा एक नया गीत :- उठी-उठी भारत की सेना, अरिदल का संहार कर रही उसने एक प्रहार किया...10 months ago
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बढ़ा हुआ हाथ - कल शाम अपनी नातिन दित्सा को लेकर पास वाली कॉलोनी के बगीचे में गई थी. ये थोड़ा बड़ा बगीचा है. वहीं चार झूले और फिसलपट्टी लगी है l घूमने के लिए चारों तरफ ज...11 months ago
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ट्रम्प की लात - //व्यंग्य - प्रमोद ताम्बट // ट्रम्प की घास न डालने वाली ट्रेजडी का मामला ठंडा भी नहीं हुआ था कि उसने हमारे पृष्ठ भाग पर कस के लात मार दी। लात भी ऐसी मार...11 months ago
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हाथ से लिखी किताब - उस घर में वो अक्सर जाता था। उस घर को बाहर से देखने पर वो अनगढ़ पत्थरों से बना साधारण घर दिखाई देता था पर उसमें एक अजाना आकर्षण था। उस घर में कुछ ऐसा थ...1 year ago
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*हरियाणा को स्टार्टअप्स के लिए एक अग्रणी हब के रूप में स्थापित करना हमारी प्राथमिकता – मुख्यमंत्री* - *मुख्यमंत्री ने हरियाणा के स्टार्टअप उद्यमियों के साथ की बैठक* *वित्त वर्ष 2025- 26 के राज्य बजट में स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए बनाई जाएगी नई योजनाएं ...1 year ago
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चमन रो रहा है। - ....✍️ गुरुबति ने मारा वतन रो रहा है। पतझड़ ने मारा चमन रो रहा है। आंधियां दर्द की तेज बहने लगीं, दवा के लिए हर जख़्म रो रहा ह...1 year ago
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मेरी कलम से संग्रह समीक्षा कोशिश माँ को समेटने की....संजय भास्कर - आज की चर्चा मे आदरणीय दिगंबर नासवा जी के कविता-संग्रह "कोशिश माँ को समेटने की" दिगंबर जी चाहते थे जब भी उनकी पहली किताब का प्रकाशन हो माँ को समर्पित हो ...2 years ago
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लूट का बदला लूट: चंदैनी-गोंदा - विजय वर्तमानचंदैनी-गोंदा को प्रत्यक्षतः देखने, जानने, समझने और समझा सकने वाले लोग अब गिनती के रह गए हैं। किसी भी विराट कृति में बताने को बहुत कुछ होता है ...3 years ago
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समर भूमि संसार है - *दुख के भीतर ही छुपा, सुख का सुमधुर स्वाद,* *लगता है फल, फूल के, मुरझाने के बाद।* *हो अतीत चाहे विकट, दुखद...4 years ago
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परोपकार ही जीवन है - मेरी चाहत की तलबगार थी इस दर्जे की वो मुसल्ले पे नमाज़ों में दुआ करती थी ——— “इन प्रश्नों का उत्तर तो बड़े महाराज देंगे “ युवा ब्रम्हचारी ने तरूण छात्र क...4 years ago
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डाॅ. वर्षा सिंह के ग़ज़ल संग्रह ‘‘ग़ज़ल जब बात करती है’’ की समीक्षा - *प्रस्तुत है मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से प्रकाशित प्रतिष्ठित साहित्यिक पत्रिका ‘‘प्रेरणा’’ के अप्रैल-जून 2021 में प्रकाशित डाॅ. वर्षा सिंह के ग़ज़ल संग...4 years ago
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शीतला:एक कल्याणकारी माता - *Jai shitla mata* शीतला:एक कल्याणकारी माता जगतजननी, जनकल्याणी मां शीतला देवी के मंदिर सेनिकलती मधुर शंख ध्वनि एवं चौरासी मांगलिक घंटो और घंटियों की स...5 years ago
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लगातार संघर्ष करने से सफलता अर्जित होती है .... - महाभारत में भीषण युद्ध चल रहा था । युद्द भूमि में गुरु और शिष्य आमने सामने थे । दुर्योधन की तरफ से द्रोणाचार्य और पांडवों की ओर से अर्जुन युध्द के मैदान मे...5 years ago
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उमरां दे सरवर – Shiv Kumar Batalvi के गीत का हिंदी अनुवाद - उमरां दे सरवर Shiv Kumar Batalvi के गीत उमरां दे सरवर का हिंदी अनुवाद। जो लोग पंजाबी नहीं समझ पाते उनके लिए। The post उमरां दे सरवर – Shiv Kumar Batalvi ...6 years ago
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गणगौर - गणगौर आज के त्यौहार के संदर्भ में मैंने गणगौर को चुना है ,जो मेरे सहित सभी सखियों का पसंदीदा त्योहार है। हिन्दू नूतन वर्ष चैत्र से प्...6 years ago
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राक्षस - बड़े बड़े दाँत नाखून,विकराल मनुष्येतर जीव... फिल्मों, नाटकों या कथाओं के चित्रण ने हमारे मानस पटल पर राक्षसों दैत्यों की कुछ ऐसी ही छवि उकेरी है। इस छवि ने ...6 years ago
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डर - प्रधानमंत्री आवास योजना से मिले घर मे सौभाग्य योजना के बल्ब के उजाले में उज्ज्वला योजना की गैस पर बनी चाय पीते हुए आदमी अगर CAA से डरा हुआ है तो समझिये नास...6 years ago
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परमेश्वर - प्रार्थना के दौरान वह मुझसे मिला उसे मुझसे प्रेम हुआ उसकी मैली कमीज के दो बटन टूटे थे टिका दिया उसने अपना सर मेरे कंधे पर वह युद्ध में हारा सैनिक था शायद!...6 years ago
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चक्रव्यूह कहानी संग्रह : Audio Book : सत्रहवीं कहानी : बेगुनाह/ Begunah - Audio Book चक्रव्यूह कहानी संग्रह : Story Book Chakrvyuh : *सत्रहवीं कहानी : बेगुनाह/ Begunah* लेखिका शकुंतला ब्रजमोहन स्वर : संज्ञा टंडन Production : L...6 years ago
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आर्थिक मंदी और सिनेमा ! - यह सिर्फ संयोग है या किसी अनहोनी के संकेत कि भारतीय अर्थव्यवस्था में मंदी की खबरे सितंबर माह में हवा से भी तेज चलने लगी है। नब्बे बरस पहले ( 4 सितंबर 19...6 years ago
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कल्पना...! - छत पर सूखते कपड़ों से रह-रह कर टपक रहे पानी के छीटों से परेशान चींटी कभी दायें ओर मुड़ती-कभी बायें ओर। एकाध बार ठहर भी गई लेकिन छींटे थे कि फिर से आगे ज...6 years ago
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कहानी--बेटी - *(कल 31जुलाई को मेरे स्व०पिताजी(श्वसुर जी)आदरणीय श्री प्रेमस्वरूप श्रीवास्तव जी की तीसरी पुण्य तिथि है**।इस अवसर पर पाठकों के लिए प्रस्तुत है उनकी एक कहा...6 years ago
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भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का संकट-4 - भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का संकट-3 से आगे........ आज जिस तरह से युवा पीढ़ी की ज़िंदगी ...6 years ago
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Chitthhi Aaii Hai.. - चिट्ठी आई है.. *कि*सकी चिठ्ठी है ? समझ नहीँ पा रहा हूँ। मेरा अपना कोई नाते-रिश्तेदार, कहीं कोई प्रेमिका या माशूका भी तो नहीँ जिसे इतने दिनों में मैँ भूल...6 years ago
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अरे अरे अरे - आ गईं तुम आना ही था तुम्हे देहरी पर कटोरी उलटी रख कर माँ ने कहा था, आती ही होगी वह देखना पहुँच जायेगी। वह भीगी हुई चने की दाल और हरी मिर्च जो तोते के लिये...7 years ago
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मीना: एक दर्द भरा नग़्मा - “मीना” हिंदी फ़िल्मों की “ट्रेजेडी क़्वीन”. “मीना” जैसे रब की सबसे मुकम्मल तख्लीक. “मीना” जैसे स्याह आसमान की क़िस्मत में आया कोई चौहदवीं का चांद; “मीना...7 years ago
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उम्मीद अभी बाकी है - उम्म्मीद अभी बाकी है ०००००००००००००००००००००० तपती हुई लंबी दोपहरों में कुदालें खोदती हैं हथौड़ा दनदनाता है गर्म लू के थपेड़ों को पसीना अभी भी शीतल बनाता है पे...7 years ago
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हिंदी ब्लागिंग के कलंक ! - कल से ही सोच रहा हूं कि कम से कम अंतर्रराष्ट्रीय हिंदी ब्लागिंग दिवस पर कुछ तो लिखा जाए, मित्र भी लगातार याद दिला रहे हैं, पूछ रहे हैं कहां गायब है, इन...8 years ago
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वो अक्सर मुझसे कहती थी ...! - *वो अक्सर मुझसे कहती थी * *"वफ़ा है. जात औरत की "* *मगर जो मर्द होते हैं * *.... बहुत बेदर्द होते हैं ...!!!* *मगर फिर यूँ हुआ ---* *मुझे अनजान रास्ते पर ...8 years ago
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कॉपीराइट अधिनियम द्वारा प्रदत्त कॉपीराइट और अधिकार से संबंधित अपराध - पहले कलाकार, संगीतकार, लेखक जैसे रचनात्मक व्यक्तियों ने जीवन के सामान्य लाभ के बजाय प्रसिद्धि और मान्यता के लिए सृजन किया। तब कॉपीराइट जैसी कोई सोंच नहीं...8 years ago
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मर तो मै उस दिन ही गयी थी , - मर तो मै उस दिन ही गयी थी , जब दायी ने अफ़सोस के साथ मेरे जन्म कि सूचना माँ को दी ,, और बधायी भी नही माँगी ,,,, माँ ने अश्रु भरी आँखों से दीवाल की तरफ द...9 years ago
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'सारी दुनिया की भीड़ में मैं अकेला बंजारा'Lonely Traveller - सारी दुनिया की भीड़ में मैं अकेला बंजारा। क्षितिज से मिले है समंदर पर जिसका पानी खारा-खारा कि जैसे न नसीब हो डूबते को तिनके का भी सहारा और फिर आसमान में टूट...9 years ago
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टनाटनदास और तैमूर - वेशक नाम में कुछ भी नहीं धरा है। गधे को घोड़ा कह देने से वह घोड़ा नहीं हो जाता और न आम, इमली। गधा गधा ही रहेगा और आम आम ही। चरित्र नहीं बदलता। कपूत का नाम क...9 years ago
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बलूचिस्तान का प्राचीन इतिहास और समस्या की वजहें... - यह पूछा जा सकता है कि जिस तरह कुछ मुट्ठीभर भारतीय कश्मीरी सुन्नी मुसलमान पाकिस्तान के बहकावे में आकर अलगाववाद की बात करते हैं उसी तरह क्या बलूचिस्...9 years ago
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प्यार का भी भला कोई नाम होता है ... - तुम मिले तो जिंदगी में रंग भर गए। तुम मिले तो जिंदगी के संग हो लिए। प्यार का भी भला कोई दिन होता है। इसे समझने में तो जिंदगियां गुजर गईं और प्यार आज भ...10 years ago
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ताउम्र हँसी - ढलती हुई शाम को ऊँचे आसमान पर छाए सुरमई बादलों में से कभी -कभी सूर्य भी दिखाई पड़ जाता था। इस अलबेले से मौसम में हम चारों अपनी नौका तथा चप्पू लिये नदी क...10 years ago
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नीली गोली के बाद अब गुलाबी गोली को हरी झंडी! - पुरुषों के बेहतर प्रदर्शन के लिए मददगार विख्यात नीली गोली (वियाग्रा) के बाद अब अमेरिकन महिलाओं को भी जल्द ही महिला यौन रोग के उपचार के नाम पर पहली बार " ग...10 years ago
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अपमानित-सी पायल - मेरी और मेरी दोस्त की बेटी के बीच उसकी टीचर को लेकर संवाद चल रहा था। मेरी दोस्त की बेटी और उसकी टीचर के बीच बहुत अच्छा सम्बन्ध है। वह अपनी टीचर से हर बात ...10 years ago
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Foot Prints without Feet - *Young shoots grow by absorbing nutrients from the earth, In a same way the child are nurtured by her mother and this journey begins from our day of con...10 years ago
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*एक पते की बात* - एक घर के मुखिया को यह अभिमान हो गया कि उसके बिना उसके परिवार का काम नहीं चल सकता। उसकी छोटी सी दुकान थी। उससे जो आय होती थी, उसी से उसके परिवा...10 years ago
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फादर्स डे - फेसबुक पर देखकर Father's Day मनाया जा रहा है..मुझे अच्छा भी लगता है खराब भी क्योंकि जिनका रक्त हमारे शरीर में दौड़ रहा हो उनके लिए जीवन का प्रतिपल समर्पित ...11 years ago
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Dr Swamy won the case; 1000-year-old Nataraja temple to be managed by priests not by TN govt - *NEW DELHI: *The famous Nataraja temple in the town of Chidambaram in Tamil Nadu will be managed by priests and not by the state government, the Supreme C...12 years ago
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कसकता जख्म। …!!! - *मित्रो पिछले १२ -१४ साल से मै पहाड़ से भयंकर पलायन देख रहा हूँ * *...हालाँकि यह मेरे अनुमान से लगभग ४० सालों से निरन्तर शुरू है ...लेकिन इस अवधि में इ...12 years ago
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रावण - *बस यूं ही!!* बैठे-बैठे बातचीत में हमने एक साथ सोचा कि *“संवेदना के स्वर”* बहुत दिनों से मौन पड़े हैं. क्यों न इसे पुनः मुखर किया जाए. *बस यूं ही!!* याद आ...12 years ago
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Think About It…… - Yesterday, I was driving, and the FM radio went off for few seconds. I thought, I should have an iPod. Then suddenly I realized that I have not used my iPo...13 years ago
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नीतीश जी का बिहार - *घर जाते हुए लगा कि बिहार बदल रहा है. **पटना आने के पहले सुना था कि गांधी सेतु पर मरम्मत चल रहा है और इस कारण से मुजफ्फरपुर जाने वाली सड़क पर जाम लगा करत...14 years ago
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लता मेरी लता - एक वल्लरी, जो की हमारे दरवाजे के सामने फैली तथा दीवारों से चढ़ कर दरवाजे से लटकती हुई आने जाने वालों से मेल मिलाप करती थी | अपने कोमल पत्तियों से कपोलों क...14 years ago
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जापान में बढ़ा भूकाँप हो गया। - हम ठीक हैँ। लेकिन अब तक हिल रह है। और 1-2 दिन ध्यान रखने की ज़रूरत है। अगर किसी की परिचित उत्तर पूर्व जापान में रहते हैं तो अब मत फोन कीजिए। फोन लाइन बिज़ी ह...15 years ago
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खरीफ में प्याज लगाये अधिक लाभ कमाये - प्याज एक महत्वपूर्ण सब्जी फसल हैं। इसका महत्व केवल स्थानीय खपत के साथ-साथ निर्यात द्वारा विदेशी मुद्रा अर्जित करने के कारण भी है। भारत में उत्पादित प्याज...15 years ago
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ज्ञानदत्त पांडे की साजिश -आग लगा कर छिपने की तैयारी - क्या आपने लोगों को मूर्ख समझ रखा है. प्रश्न उठाया था तो निष्कर्ष आने तक रुकना था, क्यूँ प्रवीण पाण्डे की अतिथि पोस्ट की आड़ में दुम दबा कर छिप गये? क्या हु...15 years ago
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स्वप्न का रहस्य खोला बाबा ताऊआनंद महाराज ने. - बाबा ताऊआनंद प्रवचनमाला भाग - 5 बाबा समीरानंद जी महाराज और बाबा ताऊआनंद महाराज प्रवचन स्थल की और प्रस्थान करते हुये! प्रिय आत्मन, हमने पिछले सत्रों में आ...16 years ago
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ब्लॉगर पर नई सुविधा- लेबल क्लाउड (label cloud) - ब्लॉगर सेवा के दस साल पूरे होने के साथ ही चिट्ठाकारों को नई सौगातें मिलने का सिलसिला शुरू हो गया है। ब्लॉगर संचालित चिट्ठों पर लेबल क्लाउड की बहुप्रतीक्षित...16 years ago
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